खतरे में जिंदगियां: लोहटी पसई के पास नवरहिया पुल की टूटी रेलिंग दे रही बड़े हादसों को दावत, वर्षों से मरम्मत का इंतजार
रामानंद सागर ( संवाददाता)
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की घोर अनदेखी के कारण लौटी पसाई मार्ग पर स्थित नवरहिया पुल दुर्घटनाओं का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है। पुल की सुरक्षा रेलिंग वर्षों से टूटी पड़ी है, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। दिन हो या रात, इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, हर समय बना रहता है डर
नवरहिया पुल से रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। इसके अलावा, स्कूल जाने वाले बच्चे और पैदल राहगीर भी इसी पुल का इस्तेमाल करते हैं। पुल की रेलिंग नहीं होने से विशेष रूप से रात के अंधेरे में या कोहरे के समय अनियंत्रित होकर वाहनों के नीचे गिरने का खतरा बना रहता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
मुख्य समस्याएं:
दृश्यता की कमी: रात के समय रोशनी का उचित प्रबंध न होने से टूटी रेलिंग दिखाई नहीं देती।
बच्चों और मवेशियों पर खतरा: रेलिंग न होने से पुल से गुजरने वाले छोटे बच्चों और पशुओं के नीचे गिरने का जोखिम सबसे अधिक है।
बरसात में बढ़ता जोखिम: बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने और सड़क पर फिसलन होने से खतरा दोगुना हो जाता है।
विभाग मौन, क्या किसी बड़े हादसे का है इंतजार?
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही नींद टूटेगी। कई साल बीत जाने के बाद भी एक अदद रेलिंग का निर्माण न होना प्रशासनिक लापरवाही को साफ बयां करता है।
प्रशासन से मांग
क्षेत्रीय निवासियों ने शासन-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुरजोर मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द नवरहिया पुल की टूटी रेलिंग का नया निर्माण कराया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना और जन-धन की हानि से बचा जा सके।

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