उर्स-ए-आला हजरत और कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के किये व्यापक इंतजाम।
एम डी न्यूज़
बरेली में चल रहे विश्व प्रसिद्ध उर्स-ए-आला हजरत के दूसरे दिन जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। उर्स के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले जायरीनों और सावन माह में निकल रही कांवड़ यात्रा को देखते हुए पूरे शहर को सुरक्षा के घेरे में रखा गया है। करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों, पीएसी की छह कंपनियों, ड्रोन कैमरों और अत्याधुनिक सीसीटीवी निगरानी कर प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अब तक पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उर्स के दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती गई है। पुलिसकर्मी सभी प्रमुख स्थानों, संवेदनशील इलाकों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में तैनात हैं और बड़ी संख्या में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पूरे क्षेत्र में पीएसी की छह कंपनियां भी तैनात की गई हैं। संवेदनशील स्थानों की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए की जा रही है। इसके लिए पुलिस लाइन स्थित जोनल कंट्रोल रूम और नगर निगम भवन में स्थापित आई-ट्रिपलसी कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। एसएसपी ने कहा कि सभी विभागों और आम लोगों के सहयोग से उर्स का आयोजन अब तक पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि सुरक्षा और व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए पूरे उर्स क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और आई-ट्रिपलसी कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे जनपद की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम से भी पूरे जोन की निगरानी की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा रहा है कि जायरीन और कांवड़ यात्री किस मार्ग से आ-जा रहे हैं।
रिपोर्टर गौरव सक्सेना एम डी न्यूज़ बरेली।

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