
फतेहपुर (चौड़गरा)। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने राजनीति में वैश्य समाज की उपेक्षा पर कड़ा ऐतराज जताया है। चौड़गरा कस्बे के गुप्ता होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए परिषद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव विनोद गुप्ता ने कहा कि देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 80% राजस्व देने वाला वैश्य समाज आज भी राजनीतिक अधिकारों से वंचित है। देश में 18% आबादी होने के बावजूद राजनीतिक दल चुनाव में समाज का सिर्फ आर्थिक इस्तेमाल करते हैं और प्रतिनिधित्व देने के समय पीछे हट जाते हैं।
विनोद गुप्ता ने साफ कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए परिषद ने आर-पार की रणनीति तैयार कर ली है। जो राजनीतिक दल वैश्य समाज को उचित प्रतिनिधित्व देंगे, समाज उन्हीं का समर्थन करेगा।
अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए परिषद जल्द ही प्रदेशव्यापी दौरा कर समाज को एकजुट करेगी और वैश्य बाहुल्य सीटों पर मंडलीय सम्मेलनों का आयोजन करेगी। व्यापारी और वैश्य समाज पर हो रहे उत्पीड़न व असुरक्षा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान मुख्य रूप से चंद्रशेखर गुप्ता, सीताराम गुप्त, रामकुमार गुप्ता और मिथिलेश गुप्त समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
