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रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर
फतेहपुर। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के जिला अध्यक्ष निधान सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों व कर्मचारियों द्वारा शनिवार को जो तिरंगा यात्रा निकल गई थी । उस तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए जिले के सभी विधायकों को आमंत्रण पत्र दिया गया था। इसके बाद भी कोई विधायक तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हुआ। जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मोबाइल फोन पर बातचीत के के दौरान उन्होंने शिक्षकों और कर्मचारियों के आक्रोश को व्यक्त करते हुए कहा कि बड़ा सवाल यह है कि आखिर जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी क्या है ? सभी जनप्रतिनिधियों को जनता अपनी सेवा के लिए चुनती है। इस सेवा के लिए जनप्रतिनिधियों को बाकायदा वेतन मिलता है। यही जनप्रतिनिधि जब पूर्व विधायक और पूर्व सांसद हो जाते हैं तो पेंशन भी मिलती है। इसी पेंशन को पाने के लिए शिक्षक-कर्मचारी संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी तिरंगा यात्रा के लिए तो जनप्रतिनिधियों के पास समय था। जब शिक्षक कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली तो आमंत्रण के बाद भी कोई विधायक शामिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षक कर्मचारियों के आक्रोश का परिणाम यह रहा की जिस जनप्रतिनिधि के सामने से तिरंगा यात्रा निकली, शिक्षक कर्मचारियों ने नारे लगाकर अपना रोष भी प्रकट किया। कहा कि एक बात तो साफ हो गई है कि जनता की समस्याओं के लिए जनप्रतिनिधियों के पास बिल्कुल समय नहीं रहता है। आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका परिणाम वर्तमान जनप्रतिनिधियों के सामने अवश्य आएगा।
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