बहुयामी समाचार पत्र एम डी न्यूज़ के लिए वाइस ब्यूरो चीफ अखिलेश राजपूत की खास रिपोर्ट!

कन्नौज /बताते चले कि भारत में आरक्षण सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर देने तथा सरकारी सेवाओं व शिक्षा में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है! जिसकी पिछड़े कमाई उसी को आरक्षण मिलना चाहिए जिनकी कमाई अच्छी हो उसको आरक्षण अच्छा नहीं मिलना चाहिए आरक्षण क्यों आवश्यक है ऐतिहासिक अन्याय को दूर करना: सदियों से सामाजिक और आर्थिक भेदभाव का सामना कर रहे गरीबो को मुख्यधारा में लाना जरूरी है.बराबरी का अवसर देना: जिन लोगों के पास पीढ़ियों से संसाधन नहीं थे, उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए एक समान मंच (लेवल प्लेइंग फील्ड) प्रदान करना.संवैधानिक अधिकार: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत सामाजिक न्याय और समानता का सिद्धांत लागू किया गया है.उचित प्रतिनिधित्व: राज्य के अधीन सेवाओं और शिक्षण संस्थानों में वंचित वर्गों की पर्याप्त हिस्सेदारी तय करना.आरक्षण की वर्तमान स्थिति और सुधारों पर चर्चा के संबंध में आरक्षण एक ऐसी सकारात्मक नीति है जिसके तहत समाज के पिछड़े,गरीब वंचित और कमजोर गरीबो को शिक्षा, सरकारी नौकरियों और राजनीति में विशेष अवसर या सीटें सुरक्षित दी जाती हैं।आरक्षण का उद्देश्यसामाजिक न्याय: समाज में समानता लाना।ऐतिहासिक भरपाई: सदियों से चले आ रहे भेदभाव और गरीब को दूर करना।मुख्यधारा में लाना: वंचित गरीबो को देश की प्रगति के साथ जोड़ना।भारत में आरक्षण के मुख्य वर्ग और प्रतिशत (केंद्र सरकार के अनुसार)अनुसूचित जाति (SC): 15%अनुसूचित जनजाति (ST): 7.5%अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 27%आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 10% इन जाति पर आरक्षण नहीं होना है आरक्षण गरीब और अमीर पर होना चाहिए यही एक मांग है
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