Month: May 2022

बुखार से पीड़ित बच्चे की इलाज के दौरान मौत स्योहारा:

स्योहारा- मामला तहसील धामपुर के स्योहारा थाना क्षेत्र के आर एसपी रोड का है जहा बालाजी क्लिनिक बाल रोग विशेषग केनाम से एक क्लिनिक है जिसको डॉ संजीव नामक व्यक्ति…

नमो घाट पर हुआ सूर्य नमस्कार का आयोजन

योग विज्ञान शिविर का समापन पतंजलि योग समिति एवं गोवर्धन पूजा समिति के संयुक्त तत्वाधान में हुआ आयोजन वाराणसी 22 मई। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के काउंट डाउन प्रोग्राम…

थाना मिर्जामुराद का औचक निरीक्षण

पुलिस उपमहानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक वाराणसी ग्रामीण व अपर पुलिस अधीक्षक वाराणसी ग्रामीण के निर्देशन मे आज दिनांक 21-05-2022 को प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक मयंक तिवारी द्वारा थाना मिर्जामुराद का औचक निरीक्षण किया…

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार चलाये जा रहे रात्रि चैकिंग अभियान के अन्तर्गत थाना जरीफनगर पुलिस की सक्रियता से रोडवेज बस में सवार 20 लोगों की बची जान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद बदायूँ श्री डा0 ओ0पी0 सिंह के आदेशानुसार जनपद में चलाये जा रहे रात्रि चैकिंग अभियान के अन्तर्गत प्रभारी निरीक्षक थाना जरीफनगर मय पुलिस बल द्वारा…

वज़ीरगंज में एम.एफ. हाईवे पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया

एडीएम प्रशासन रितु पुनिया व उपजिलाधिकारी बिसौली ज्योति शर्मा की मौजूदगी में मुख्य मार्ग पर हो रहे अतिक्रमण को नगर पालिका कर्मियों की मदद से जसीबी के द्वारा हटाया गया…

अनुशाससित व्यक्ति ही जीवन के शिखर पर पहुंचाता है- महेश चंद्र सक्सेना प्रदेश अध्यक्ष स्काउट गाइड

गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय बदायूं में चल रहे तीन दिवसीय रेंजर्स प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह आयोजित किया गया। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ प्राचार्य प्रोफेसर वन्दना शर्मा की अध्यक्षता में…

नगर पालिका परिषद टीम द्वारा अतिक्रमण हटाओ व पॉलिथीन हटाओ पर्यावरण बचाओ अभियान चलाया गया

बताते चलें उप जिलाधिकारी महिपाल सिंह व पुलिस क्षेत्राधिकारी सीपी सिंह के नेतृत्व में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी डॉ राजेश कुमार सिंह की टीम द्वारा बिसौली बस स्टैंड पर अतिक्रमण…

बरेली जिले की तहसील मीरगंज में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ जन समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण एवं ससमय निस्तारण के निर्देश दिए। ⁦

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट आलोक मालपाणी (बरेली मंडल)

तहसील बहेड़ी के विभिन्न क्षेत्रों में आज अभियान चलाकर करीब 3 करोड़ 18 लाख रुपये की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।⁦

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट आलोक मालपाणी (बरेली मंडल)

डीएम व एसएसपी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में सुनी जनता की शिकायतें।

बदायूँ जिलाधिकारी दीपा रंजन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ओ.पी. सिंह द्वारा सम्पूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) की सार्थकता और उद्देश्य को तहसील बिल्सी में सुदृढ़, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!