Month: May 2022

आजम खान और उनके समर्थकों के लिए राहत भरी खबर आजम खान को जमानत.

(बिजनौर) नजीबाबाद पूर्व चैयरमैन मौअज्जम खान परिवार ने आजम खां की जमानत की खबर सुन कर खुशी ज़ाहिर की, लम्बे समय से उनका परिवार आजम खान के लिए दुआ कर…

विद्यालयों में बच्चों की कम उपस्थिति पर डीएम नाराज़

डीएम ने विद्यालयों में पहुंचकर शिक्षा की गुणवत्ता को गहनता से परखा। उन्होंने बच्चों से हिन्दी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान के विषयों से जुड़े कई सवाल बच्चों से पूछे, इसके…

डीएम ने वृद्धा आश्रम का निरीक्षण कर जाना हाल।

जिलाधिकारी दीपा रंजन ने जिला समाज कल्याण अधिकारी राम जनम के साथ बुधवार को नवजीवन वृद्धा आश्रम का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आश्रम में वार्डन से…

यू पी:प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियां 20 से..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो, उत्तर प्रदेश):यू पी में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियां शुक्रवार से शुरू हो रही हैं। शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार 16…

यू पी:सी एम योगी का अधिकारियों को सख्त निर्देश, 48 घण्टे के अंदर अवैध वाहन स्टैंड खत्म किया जाय,आज से शुरू होगा अभियान..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो,उत्तर प्रदेश):उत्तर प्रदेश सरकार आज से सड़क सुरक्षा का विशेष अभियान गुरुवार से शुरू करने जा रही है। इसकी रूपरेखा समझाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर के अधिकारियों…

राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रोवर्स व रेंजर्स के छात्र छात्राओं ने सड़क सुरक्षा अभियान चलाकर जन जागरुकता फैलाई।

डी. पी स्नातकोत्तर महाविद्यालय सहसवान में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत एन एस एस व रोवर्स- रेंजर्स के छात्र छात्राओं ने जन सामान्य को सड़क सुरक्षा…

डॉ श्रद्धा गुप्ता पुनः बनी राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य

आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय में भौतिक विज्ञान की विभागाध्यक्ष एवं एनसीसी प्रभारी डॉ श्रद्धा गुप्ता ने मंगलवार को दूसरी बार कार्यवाहक प्राचार्य का पदभार ग्रहण किया। डॉ गुप्ता सत्र…

मिशन शक्ति के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय बदायूं में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत “कन्या भ्रूण हत्या एक अभिशाप” विषय…

व्यापारियों के छुटपुट विरोध के बीच नगर बिसौली में चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान

एसडीएम ज्योति शर्मा व ईओ नवनीत कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को हाईवे पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। कई जगह व्यापारियों ने अभियान का विरोध किया। अटल चौक पर…

मेधावी छात्र छात्राओं को टेबलेट वितरित किए गए

नेहरू मेमोरियल शिव नारायण दास (पी.जी) कालेज बदायूं में उ.प्र. सरकार की टैबलेट वितरण योजना के अंतर्गत पूर्व राज्यमंत्री/सदर विधायक श्री महेश चंद्र गुप्ता जी के साथ मेधावी छात्र-छात्राओं में…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!