Month: May 2022

हरदोई:सादुल्लापुर में जंगली जानवर के हमले से खेत की रखवाली करने गये कश्तकार की मौत,परिवार में पसरा मातम..

बिलग्राम. थाना सांडी अंतर्गत ग्राम सादुल्लापुर में अपने खेत पर खड़ी मूंगफली की फसल की रखवाली करने गए जागेश्वर पुत्र जानकी रात के समय उनके ऊपर जंगली जानवर ने हमला…

यू पी:हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक कराने वाले अन्तर्राज्यीय गैंग के दो सक्रिय सदस्य गिरफ्तार।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणः शिवबहादुर सिंह पुत्र स्व0 उमाशंकर सिंह, नि0 ग्राम मुजरा, पो0 कुसया, थाना जलालपुर, जनपदजौनपुर, हा0पता धीरज अपार्टमेण्ट फ्लैट नं0 13 अर्दली बाजार वाराणसी। अखिलेश यादव पुत्र…

हरदोई:सांडी तिराहा पर अज्ञात वाहन की टक्कर से एक युवक की मौत..

बिलग्राम. सांडी तिराहा पर अज्ञात वाहन की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई बताया जाता है कि अरवल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अदनिया निवासी पंकज उम्र 26…

यू पी के प्राथमिक विद्यालयों के छात्र छात्राओं को खाद्य सुरक्षा भत्ता के अलावा राशन भी मिलेगा..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो, उत्तर प्रदेश):उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पिछले साल के मिडडे-मील का अब भुगतान होने जा रहा है। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत मार्च…

महराजगंज:पिपरा कल्याण में बीते दिनों हुई हत्याकांड, का हुआ खुलासा, इस तरीके से प्रेमी ने की थी हत्या..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो,उत्तर प्रदेश):यू पी महराजगंज जनपद के सिंदूरिया थाना क्षेत्र के ग्राम सभा पिपरा कल्याण में बिते दिन रविवार को मिले एक युवती के अज्ञात शव की गुत्थी को पुलिस…

चेयरमैन पद के दावेदार गौरव साहनी ने साथियों के साथ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण किया

बिसौली। युवा समाजसेवी व चेयरमैन पद के दावेदार गौरव साहनी ने साथियों के साथ अपने कार्यालय पर भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि चेयरमैन बनने पर…

औरैया:पुलिस ने वांछित धाराओं में एक अभियुक्त को किया गिरफ्तार..

औरैया- थाना दिबियापुर उ0नि0 अभिनाश चन्द्र मय हमराही थाना दिबियापुर जनपद औरैया पुलिस द्वारा अभियुक्त मनीष कुमार पुत्र दयाराम निवासी ग्राम जमौली थाना दिबियापुर जिला औरैया को गिरफ्तार कर चालान…

औरैया:जनता महाविद्यालय के शिक्षक डॉ योगेश कुमार साहू युवा वैज्ञानिक अवार्ड से हुए सम्मानित।

औरैया-चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय कानपुर में दो दिवसीय प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही…

श्रमिक लाभार्थियों को बांटे आर्थिक सहायता स्वीकृति प्रमाण पत्र

तहसील परिसर दातागंज में सोमवार को योजना विकास विभाग एवम श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सीसीएल प्रमाण पत्र एवम श्रम विभाग के अंतर्गत…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!