Month: July 2022

चिकित्सको एवम बैंकर के बीच मैत्री क्रिकेट मैच

आज काशी हिंदू विश्वविद्यालय,आई एम एस मैदान पर वरिष्ठ क्रिकेटर एवम वाराणसी क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री पी पी आनंद मिश्र जी की तरफ से मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन…

बच्चों से भरा था स्कूल, भरभराकर ढह गया भवन

हरदोई……..सांडी। मोहल्ला नवाबगंज में संचालित प्राथमिक विद्यालय का एक कमरा शनिवार सुबह भरभरा कर गिर गया। अच्छी बात यह रही कि जिस समय कमरा गिरा, उस समय वह खाली था।स्कूल…

घर के बरामदे में तमंचे से गोली मारकर छात्र ने की आत्महत्या

हरदोई जिले के हरपालपुर में अरवल थाना क्षेत्र के नंदना गांव में रविवार सुबह 11वीं कक्षा के छात्र ने खुद को गोली मार ली। गोली दाईं कनपटी पर लगी है।…

तहसील समाधान दिवस मे आए 23 शिकायती पत्रों में 3 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण।

शेष शिकायती पत्र के निस्तारण के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को शिकायती पत्र प्रेषित करते हुए उन्हें निर्देश दिए। सहसवान : उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील सभागार में संपन्न हुए…

सीडीओ ऋषिराज व एसडीएम ज्योति शर्मा ने तहसील परिसर में पौधारोपण किया।

बिसौली : सीडीओ ऋषिराज व एसडीएम ज्योति शर्मा ने तहसील परिसर में पौधारोपण किया। इस मौके पर सीडीओ ने कहा कि हम सभी को पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक…

आधा घंटे की मूसलाधार बरसात ने ही पालिका प्रशासन की कलई खोलकर रख दी।

बिसौली : आधा घंटे की मूसलाधार बरसात ने ही पालिका प्रशासन की कलई खोलकर रख दी। नगर के बदायूं रोड सहित कई मार्गों पर दुकानों में पानी भर गया। सड़कों…

आंगनबाड़ी केंद्र में लटक रहा था ताला !.सच्चाई से रू-ब-रू हुईं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम

हरदोई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल परखा। इस दौरान कहीं सब कुछ ठीक-ठाक दिखाई दिया,तो कहीं ताले लटके हुए थे। इस अनदेखी से खफा…

जिलाधिकारी दीपा रंजन व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 ओपी सिंह ने तहसील परिसर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायतों को सुना।

बिसौली : जिलाधिकारी दीपा रंजन व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 ओपी सिंह ने तहसील परिसर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायतों को सुना। डीएम ने अधीनस्थों को…

गले लगाई मौत: एक ने घरेलू झगड़े,तो दूसरे ने नशे में की आत्महत्या . दोनों के फांसी पर लटके हुए देखे गए शव . पुलिस ने दोनों शवों का कराया पोस्टमार्टम

. हरदोई। आए दिन के घरेलू झगड़े के चलते एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं शराब के लती दूसरे युवक ने भी इसी तरह मौत को गले…

यूपी:रील बनाना महिला पुलिसकर्मी को पड़ा भारी,एस पी ने किया निलंबित….

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो):हरदोई/यूपी:टीक टाक पर लोग वीडियो बनाते हुए और उसे लोग देखकर लाइक करते हैं। वीडियो बनाने का रोग एक महिला पुलिस कर्मी काे लग गया और उसने अपने दो…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!