Month: July 2022

14वर्ष के खोये हुए बच्चे को आदमपुर पुलिस ने 8 घंटे में खोजकर एक पिता को दिया उपहार

वाराणसी: आदमपुर इंस्पेक्टर अजीत वर्मा की पुलिस टीम के द्वारा आज एक पिता के चेहरे पर फिर से मुस्कान ला दी, जब उनका 14 वर्ष का पुत्र स्कूल बंक करके…

बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का उपजिलाधिकारी महिपाल सिंह ने किया निरीक्षण

सहसवान : तहसील क्षेत्र में बाढ़ से पूर्व कराए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का उपजिलाधिकारी महिपाल सिंह ने निरीक्षण किया और साथ ही पशु चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग को भी…

भौतिक विज्ञान की दस दिवसीय व्याख्यानमाला सम्पन्न

आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय बदायूं के भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा भारतीय भौतिकी शिक्षक परिषद के उत्तर प्रदेश रीजनल काउंसिल के प्लेटफार्म पर एक दस दिवसीय ऑनलाइन नेशनल लेक्चर सीरीज…

सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता पूर्वक किया जाए : मंडलायुक्त

बरेली : मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी ने उप जिलाधिकारी सदर को निर्देश दिए कि सम्पूर्ण समाधान दिवस आ रही शिकायतों का निस्तारण समयान्तर्गत किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण…

छात्राओं ने महासंकल्प ले “प्लास्टिक है जहर, मानव जीवन के लिए कहर” थीम पर वृहद जनजागरूकता अभियान चलाया

बदायूं : गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वाधान में चलाये जा रहे मिशन शक्ति विशेष अभियान के तहत शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम सिंगल यूज प्लास्टिक…

विकास भवन में जल शक्ति केंद्र की स्थापना

जनपद बदायूं में जल संरक्षण कार्यो को गति देने एवं जल संरक्षण कार्यो के लिए तकनीकी ज्ञान का केंद्र के उद्देश्य से विकास भवन में जल शक्ति केंद्र की स्थापना…

जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ आंवला सम्पूर्ण समाधान दिवस

बरेली : जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी की अध्यक्षता में आज तहसील आंवला सभागार में सम्पूर्ण समाधान दिवस सम्पन्न हुआ। सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 126 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें मौके पर…

संजय क्लासेज के द्वारा किया गया वृक्षारोपण

संजय क्लासेज कोचिंग सेंटर में किया गया वृक्षारोपण ओयल खीरी कस्बे के मोहल्ला शिवाला में स्थित संजय क्लासेज कोचिंग के संचालक संजय सिंह द्वारा आज दिनांक 2 जुलाई दिन शनिवार…

जिलाधिकारी के आदेश को दरकिनार कर नायब तहसीलदार ने कर दिया नया आदेश…

वृद्ध पीड़िता की नहीं सुनी गई कोई बात जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार फफूंद कस्बे के गांव बरौआ का मामला औरैयाजिलाधिकारी के आदेश को दर किनार कर नायब तहसीलदार…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!