Month: July 2022

बिसौली तहसील सभागार में सम्पूर्ण समाधान दिवस का हुआ आयोजन

बिसौली तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी दीपा रंजन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ ओपी सिंह ने जन शिकायतों को सुना। इस अवसर पर सीडीओ ऋषिराज सिंह,…

यूपी:प्रदेश में पहली बार BSc नर्सिंग में दाखिले के लिए कराई जाएगी प्रवेश परीक्षा,8000 छात्रों को मिलेगा प्रवेश…

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो):मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कालेजों में पैरा-मेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए बड़ा फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश में पहली…

सांडी/हरदोई:दूसरी शादी कर पहली पत्नी का किया गला दबाकर हत्या..देखे वीडियो..

हरदोई……… मामला सांडी थाने के ग्राम लक्षनपुरवा का है बताते चलें कि लक्षनपुरवा निवासी शुभम नोएडा में नौकरी करता था करीब 2 साल पहले उसकी शादी अरवल थाने के ग्राम…

सीएम ने किया दातागंज के अग्निशमन केन्द्र का लोकार्पण

बदायूँ : 01 जुलाई। प्रदेश के 25 अग्निशमन केंद्रों में अग्निशमन केंद्र जनपद के दातागंज का शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा ऑनलाइन लोकार्पण किया गया। 10 करोड़ 53…

आदर्श नगर पंचायत मैलानी में कूड़ेदान दे रहा घातक बीमारियों को दावत, जिम्मेदार मौन…

लखीमपुर खीरी/यूपी:आदर्श नगर पंचायत मैलानी का कूड़ेदान पड़ा मिला प्राइवेट प्रॉपर्टी में लोगों में फैल सकता है संक्रमण मोदी जी के स्वच्छ भारत मिशन को पूर्ण रूप से किया जा…

डीएम ने हरी झंडी दिखाकर किया प्रचार वाहन रवाना अमृत महोत्सव का फसल बीमा सप्ताह प्रारम्भ

बदायूँ : 01 जुलाई। जिलाधिकारी दीपा रंजन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डीएम ने बताया कि प्रत्येक मौसम में किसानों…

समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 49 वा जन्मदिन मनाया गया

बदायूं : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 49वें जन्मदिन के उपलक्ष्य पर सपा कार्यालय, पर सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव के नेतृत्व में सपा…

बिसौली बाईपास निर्माण के संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष को व्यापारियों ने सौंपा मांगपत्र।

बदायूँ : उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के तत्वधान में प्रदेश युवा अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू एवं नगर अध्यक्ष बिसौली कृष्णावतार शर्मा के नेतृत्व में व्यापारियों का शिष्ट मंडल…

सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग ना करने हेतु पालिका कर्मचारियों को दिलाई गई शपथ।

सहसवान : प्रदेश में 29 जून 2022 से 3 जुलाई 2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक के एकत्रीकरण पुनर्चक्रण कथा प्रतिबंधों को प्रभावी तरीके से लागू कराए जाने के उद्देश्य वृद्ध…

शिमला पुलिस ने लड़कियों को ब्लैकमेल करने वाले नाबालिग युवक को किया गिरफ्तार।

सहसवान : नगर के मुहल्ला शहवाजपुर निवासी एक नाबालिक युवक पब्जी गेम के माध्यम से लड़कियों को टेलीग्राम पर मित्र बना कर ब्लैकमेल करता था और मेंबरों को अश्लील मैसेज…

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!