Month: March 2024

आगामी त्योहारों व लोकसभा चुनाव 2024 के सम्बन्ध में,फ्लैग मार्च, संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु व वाहनों की जा रही सघन चेकिंग ।

शाहजहांपुर।आगामी त्योहारों तथा लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 को शान्तिपूर्ण रुप से सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत जनपद कों केंन्द्रीय अद्धसैनिक बल व पी0ए0सी0 बल उपल्ब्ध कराया गया है । इस क्रम…

लखीमपुर खीरी में भ्रष्टाचार की खुली पोल

रिपोर्ट:मनोज मिश्रा लखीमपुर। थाना खीरी क्षेत्र के अंतर्गत एंटी करप्शन टीम ने एडीओ पंचायत शिवा शीशशरण श्रावस्त को 50 हजार की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार। परिवार रजिस्टर में नाम सही…

शाहजहांपुर:निगोही पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर भेजा जेल..

रिपोर्ट:फैसल ताहिर शाहजहांपुर।थाना निगोही पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 72/2024 धारा 363/366/376 भादवि व 3/4 पाक्सो एक्ट थाना निगोही में वांछित अभियुक्त कृष्णपाल पुत्र सुखदयाल मौर्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।श्री…

दो बच्चों की घर में घुसकर हत्या के विरोध में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

सहसवान/बदायूं : दिन मंगलवार को बदायूं जनपद की बाबा कॉलोनी में कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा दो नौनिहाल हिंदू बच्चों की घर में घुसकर निर्मम हत्या के विरोध में राष्ट्रीय बजरंग दल…

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने जारी किया BA, BSc, B.Com 2023-24 का परिणाम..डायरेक्ट यहां से देखें रिजल्ट

BA, BSc,BCom का परिणाम यहाँ क्लिक करके देखें Click Here

जिले में तत्काल प्रभाव से 05 जून तक धारा 144 लागू: डीएम,आर्दश चुनाव आचार संहिता का उल्लघंन करने वालों पर सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही होगी -:मंगला प्रसाद सिंह

.*#हरदोई:* जिला मजिस्ट्रेट मंगला प्रसाद सिंह ने अवगत कराया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोक सभा सामान्य निर्वाचन 2024 की घोषणा कर दी गयी है और वर्तमान में आदर्श…

परीक्षक एक जुट, बिजनौर में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का किया बहिष्कार

रिपोर्टर:- मोहम्मद फैज़ान बिजनौर – मुजफ्फरनगर जनपद में शिक्षक की हत्या को लेकर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रहे परीक्षक एकजुट हो गए। मुजफ्फरनगर में शिक्षकों ने हंगामा प्रदर्शन शुरू…

शंकराचार्य जी के पदयात्रा के समर्थन में भक्तों ने रामनगर में निकाली पदयात्रा ॥ रिपोर्टः-रोहित सेठ वाराणसी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने व गोकशी बन्द करवाने हेतु वृंदावन से दिल्ली…

हीरो मोटोकॉर्प में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर वाराणसी के विशेष शो में नए मेवरिक (MAVERICK -440) और एक्सट्रीम 125 आर मॉडल का किया अनावरण || रिपोर्ट-रोहित सेठ वाराणसी :- मोटरसाइकिल और…

शाम 7 बजे की बड़ी खबरें……..MD News

➡लखनऊ -मंडलायुक्त रोशन जैकब ने अकबरनगर का निरीक्षण किया, अकबर नगर में एलडीए के लगाये कैम्प का जायजा लिया, विस्थापित लोगों के आवास आवंटन में समस्या न हो-रोशन, गरीबों को…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!