Month: August 2024

उप मुख्यमंत्री मा केशव मौर्या जी के तिरंगा यात्रा में अ हिं फौज शामिल .डाॅ गीता रानी।

उप मुख्यमंत्री मा केशव मौर्या जी के तिरंगा यात्रा में अ हिं फौज शामिल .डाॅ गीता रानी। रोहित सेठ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी मे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर…

रोटरी द्वारा रक्षाबंधन पाणिनी कन्या महमूरगंज में सभागार, देश भक्ति के अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति।

रोटरी द्वारा रक्षाबंधन पाणिनी कन्या महमूरगंज में सभागार, देश भक्ति के अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति। रोहित सेठ रोटरी द्वारा रक्षाबंधन पाणिनी कन्या महमूरगंज में सभागार, देश भक्ति के अनेक…

बाबू जगत सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे॥

बाबू जगत सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे॥ रोहित सेठ बनारस के विस्मृत जननायक: बाबू जगत सिंह, 1799 भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष की अनकही गाथा- पुस्तक का…

इनरव्हील क्लब, वाराणसी की सभी 13 शाखों ने संयुक्त रूप से मनाया तीजोत्सव “आया सावन झूम के।

इनरव्हील क्लब, वाराणसी की सभी 13 शाखों ने संयुक्त रूप से मनाया तीजोत्सव “आया सावन झूम के। रोहित सेठ इनरव्हील क्लब, वाराणसी जनपद की सभी 13 शाखों ने संयुक्त रूप…

राजस्व परिषद के अध्यक्ष डा. रजनीश दुबे ने पिंडरा तहसील का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

राजस्व परिषद के अध्यक्ष डा. रजनीश दुबे ने पिंडरा तहसील का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। रोहित सेठ बड़े बकायेदारों की सूची बनाकर राजस्व वसूली सुनिश्चित किया…

पूर्ण ऑटोमैटिक ब्लड एनालाइजर मशीन का विधायक डा नीलकंठ तिवारी ने किया उद्घाटन।

पूर्ण ऑटोमैटिक ब्लड एनालाइजर मशीन का विधायक डा नीलकंठ तिवारी ने किया उद्घाटन। रोहित सेठ सीएचसी दुर्गाकुंड में लगे मशीन से होगी मुफ्त में जांच। मरिजों को मिलेगी राहत, मोबाइल…

लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा वाराणसी पी एम सौर घर मुफ्त बिजली योजना कार्यक्रम।

लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा वाराणसी पी एम सौर घर मुफ्त बिजली योजना कार्यक्रम। रोहित सेठ कुल 47000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन लगभग 8000 घरों को सौर संयंत्रों से जोड़ा…

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पोर्टल के अनुसार प्राप्त रैंकिंग और ग्रेडिंग पर विकास कार्यों की गई समीक्षा।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पोर्टल के अनुसार प्राप्त रैंकिंग और ग्रेडिंग पर विकास कार्यों की गई समीक्षा। रोहित सेठ अधिकारी जनपद की बेहतर रैंकिंग के लिए योजनाओं में…

सीएम डैशबोर्ड,विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की डीएम ने की समीक्षा, दिए निर्देश।

रिपोर्ट – इन्द्रपाल डीएम बोली, सीएम डैशबोर्ड पर अपने विभाग की रैंकिंग में करे सुधार, दिखाये गंभीरता लखीमपुर खीरी 20 अगस्त। शासन से निर्धारित सीएम डैशबोर्ड एवं विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों…

आज मैलानी मे बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार पर मशाल निकाला गया‌

रिपोर्ट – तौफीक खान। मैलानी खीरी आज मैलानी मे बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार पर मशाल निकाला गया‌ और जिसमें साथ में पश्चिम बंगाल में महिला डॉक्टर…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!