Month: August 2024

कानपुर देहात के रूरा से दुःखद खबर अमर उजाला के पत्रकार रजनीकांत दुबे की ट्रेन की चपेट में आने से मौत

संवाददाता मोहम्मद अनस कानपुर अमर उजाला के पत्रकार रजनीकांत दुबे की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई समाचार संकलन के लिए रूरा छोटे वाले अंडरपास गए थे…

अमर उजाला के पत्रकार रजनीकांत दुबे की ट्रेन की चपेट में आने से मौत

रिपोर्ट – मोहम्मद अनस *कानपुर देहात के रूरा से कानपुर अमर उजाला के पत्रकार रजनीकांत दुबे की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई समाचार संकलन के लिए…

एक ही बरसात में नाला गया टूट*

रिपोर्ट – धनंजय वर्मा जहां एक तरफ योगी जी का कहना है कि भ्रष्टाचारियों को जेल के अंदर डाला जाए वहीं पर बेलरायां में भ्रष्टाचार चरम पर आ पहुंची हैं*…

बनारस में बुनकरों का सबसे बुरा हाल

देश के सारे लोगों ने आजादी का पर्व मनाया और उसके बाद भाई बहन के पवित्र रिश्ता का त्यौहार रक्षाबंधन को भी मनायापूरे बनारस में बुनकरों का सबसे बुरा हाल…

पॉल इंटरनॅशनल स्कूल के छात्र सुधांशु मिश्र का IIT चेन्नई में हुआ चयन

रिपोर्ट- इन्द्रपाल सुधांशु मिश्र ने स्थापित किया कीर्तिमान पॉल इंटरनेशनल स्कूल के सत्र 2023-24 के कक्षा 12 के छात्र सुधांशु मिश्र का चयन IIT चेन्नई में हुआ है। सुधांशु मिश्र…

रक्षाबंधन में कमल मिश्रा ने बंधाई नीमगांव इंस्पेक्टर बहन सुनीता कुशवाहा जी से राखी*

रिपोर्ट – प्रदीप मिश्रा रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर बहन भाई के अटूट रिश्ते के बीचएक प्रेम रूपी धागा बंधकर दीर्घायु की बहन ने कामना की *कमल मिश्रा प्रदेश प्रचारक…

भारत विकास परिषद आस्था द्वारा आज रक्षाबन्धन का पर्व 39 जी.टी.सी. के सैनिकों के साथ मनाया गया।

भारत विकास परिषद आस्था द्वारा आज रक्षाबन्धन का पर्व 39 जी.टी.सी. के सैनिकों के साथ मनाया गया। रोहित सेठ भारत विकास परिषद आस्था द्वारा आज रक्षाबन्धन का पर्व शाखा की…

श्रावण के अंतिम सोमवार एवं पूर्णिमा पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में आज निभाई जा रही है वर्षों पुरानी परंपरा।

श्रावण के अंतिम सोमवार एवं पूर्णिमा पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में आज निभाई जा रही है वर्षों पुरानी परंपरा। रोहित सेठ पंच बदन प्रतिमा के पंच गव्य स्नान…

डॉ. शम्भुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन से जुड़े कवि साहित्यकारों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने आज प्रातःकाल सर्किट हाऊस में मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।

डॉ. शम्भुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन से जुड़े कवि साहित्यकारों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने आज प्रातःकाल सर्किट हाऊस में मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। रोहित सेठ वाराणसी, 18…

शम्भुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन से जुडी किशोरियों द्वारा रक्षाबंधन त्यौहार पर घर ना जा पाने वाले पुलिस कर्मियों को रक्षा सूत्र बांध कर इस त्यौहार की खुशिया बाटी गई।

शम्भुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन से जुडी किशोरियों द्वारा रक्षाबंधन त्यौहार पर घर ना जा पाने वाले पुलिस कर्मियों को रक्षा सूत्र बांध कर इस त्यौहार की खुशिया बाटी गई। रोहित…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!