Month: March 2025

कस्ता प्रधान अजमेर अली के संरक्षण में उनके भांजे राजू पुत्र निजाम आदि सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा वीडियो वायरल

कस्ता प्रधान अजमेर अली के संरक्षण में उनके भांजे राजू पुत्र निजाम आदि सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा वीडियो वायरल कर कस्ता की शांति भाईचारा और व्यक्तिगत सुरक्षा को…

कस्ता प्रधान अजमेर अली के संरक्षण में उनके भांजे राजू पुत्र निजाम आदि सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा वीडियो वायरल

कस्ता प्रधान अजमेर अली के संरक्षण में उनके भांजे राजू पुत्र निजाम आदि सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा वीडियो वायरल कर कस्ता की शांति भाईचारा और व्यक्तिगत सुरक्षा को…

बदायूं:सहसवान क्षेत्र बैरपुर मानपुर की गौशाला में मृत गाय के शरीर को नोच-नोच कर खा रहे कुत्ते ग्रामीणों ने बताया गौशाला में चारे पानी की कोई व्यवस्था नहीं, भूख से तड़प कर गाय मर रही हैं, जिला अधिकारी मौन ।

संवाददाता मुनेश कुमार सहसवान बदायूं। सहसवान-:क्षेत्र के बैरपुर मानपुर गांव की गौशाला की बदहाल स्थिति का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि भूख और…

मीट माफियाओं पर आखिर कब कसा जाएगा शिकंजा

🔵एसडीएम शाहब से है अब स्योहारा वासियों की आस रिपोर्ट:आसिफ रईस स्योहाराधामपुर के तेजतर्रार उप जिलाधिकारी कुंवर बहादुर सिंह ऐसे दुकानदारों पर शिकंजा जरूर कसेंगे ऐसा स्योहारा के लोगों में…

सहसवान-: सहसवान के तहसील परिसर में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा रजि० संगठन के तहसील अध्यक्ष सौरभ गुप्ता व अन्य पत्रकारों ने सीतापुर में हुई पत्रकार की हत्या को लेकर उप जिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन।

संवाददाता मुनेश कुमार सहसवान बदायूं। सहसबान -आज सोमवार को तहसील प्रांगण में पहुंचकर पत्रकारों ने सीतापुर के माहौली में पत्रकार राघवेन्द्र बाज़पेई की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने से…

के आर मंगलम विश्वविद्यालय आधुनिक स्थिरता के अनुरूप पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणालियों को बढ़ावा देता है

मीनू धमीजा स्वतंत्र पत्रकार गुड़गांव के आर मंगलम विश्वविद्यालय भारत की विरासत में निहित गहन ज्ञान को स्वीकार करते हुए पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक स्थिरता प्रथाओं के साथ…

पत्रकार बिकते नहीं साहब, जान दे देते हैं

रिंकू शर्मा स्वतंत्र पत्रकार अलीगढ़ आप कुछ भी कहते रहिए कि मीडिया बिक गई है। घर बैठकर जितनी उपमाएं दे सकते हैं दीजिए। पर एक बात सही है कि यही…

होली के मौके पर बहराइच के मुसलमानों से अपील

अपीलकर्ता(मौलाना करी)जुबैर अहमद कासमी साहब,अध्यक जमीयत उलमा जिला बहराइच(मौलाना)मो इनायतुल्लाह कासमी,महासचिव जमीयत उलमा जिला बहराइच •इस बार होली का त्यौहार रमजान के मुकद्दस महीने में पड़ रहा है इस लिए…

25 टन मादक पदार्थ तस्करी के मामले में बहुचर्चित कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी सहित तीन आरोपियों को 15—15 साल की सुनाई सजा

रिपोर्ट: राहुल राव नीमच। स्कीम नम्बर 36 स्थित वर्ष 2021 में कुख्यात तस्कर बाबू सिंधी के गोदाम पर सीबीएन की छामापार कार्रवाई हुई थी। कार्रवाई में मौके से 25 टन…

हाथरस में पुलिस ने साइबर ठग गिरोह का किया पर्दाफाश:बीमा पॉलिसी और रुपए दोगुने करने के लालच पर करते थे ठगी..

रिपोर्ट: ओमप्रकाश पाठक मामला तब प्रकाश में आया जब पंजाब नेशनल बैंक के एक सहायक मैनेजर ने शिकायत दर्ज कराई। आरोपी ने उनसे करीब साढ़े 16 लाख रुपए की ठगी…

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!