Month: October 2025

45 वर्षीय व्यक्ति की करंट लगने से मौत, तीन बच्चों से उठा पिता का साया

बाराबंकी (रामनगर):जिले की तहसील रामनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत लहडरा में उस समय कोहराम मच गया जब राकेश (45 वर्ष), पुत्र जियालाल की करंट लगने से मौत हो गई। प्राप्त…

इस्लामी शिक्षाओं के अनुरूप उद्देश्यपूर्ण और उपयोगी इंसान बनाना ही जमीअत यूथ क्लब का मकसद : मौलाना अहमद शकील क़ासमी

गुलिस्तां स्कूल, वाराणसी में तीन दिवसीय स्काउट प्रवेश शिविर का समापन समारोह संपन्न वाराणसी, 23 अक्टूबर 2025।जमीअत यूथ क्लब वाराणसी के तत्वावधान में गुलिस्तां स्कूल, क़ाज़ी सादुल्लाहपुरा में आयोजित तीन…

इस्लामी शिक्षाओं के अनुरूप उद्देश्यपूर्ण और उपयोगी इंसान बनाना ही जमीअत यूथ क्लब का मकसद है : मौलाना अहमद शकील क़ासमी

वाराणसी, 23 अक्टूबर 2025:जमीअत यूथ क्लब वाराणसी के तत्वावधान में गुलिस्तां स्कूल, क़ाज़ी सादुल्लाहपुरा में आयोजित तीन दिवसीय स्काउट प्रवेश शिविर का समापन समारोह बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ।…

निगोही क्षेत्र के ग्राम गौरीखेड़ा गौंटिया में आज भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीराम कथा का शुभारंभ किया गया

शाहजहांपुर से रिपोर्टर विक्रम सिंह की रिपोर्ट कथा का आयोजन नैमिष धाम नारदनन्द आश्रम से पधारे पूज्य अमित बाजपेई जी महाराज के सान्निध्य में किया जा रहा है। कलश यात्रा…

निगोही के गांव गौरी खेडा गोटिया में भव्य कलश यात्रा के बाद कथा का शुभारंभ किया गया

शाहजहांपुर रिपोर्टर विक्रम सिंह निगोही के गांव गौरी खेडा गोटिया में भव्य कलश यात्रा के बाद कथा का शुभारंभ किया गया ग्राम गौरीखेड़ा गौंटिया में नैमिष धाम नारदनन्द आश्रम से…

बाराबंकी:बहुजन समाज पार्टी ने अनुशासनहीनता अपनाने गुटबाजी करने के कारण शमसुद्दीन राईन को दिखाया बहुजन समाज पार्टी ने बाहर का रास्ता।

बाराबंकी/उत्तर प्रदेश ।बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी के दिशा निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने शमसुद्दीन राईन वर्तमान लखनऊ व कानपुर प्रभारी निवासी जिला…

कानपुर नगर:गोविंद नगर विधानसभा विधायक सुरेंद्र मैथानी जी ने छठ पूजा का लिया जायजा।

रिपोर्ट-सुजीत कुमार आज गोविंद नगर विधानसभा के विधायक सुरेंद्र मैथानी जी ने आगामी छठ पूजा महोत्सव से पहले छठ घाट का निरीक्षण कियाविधायक मैथानी ने कहा कि प्रदेश सरकार निरंतर…

बाराबंकी:45 वर्षीय युवक की करेंट लगने से मौत।एक लड़की और 2 लड़कों के सर से उठा बाप का साया।

बाराबंकी :जिले की तहसील रामनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत लहडरा में राकेश पुत्र जियालाल उम्र लगभग 45 वर्ष की दोपहर में करंट लगने से मौत हो गई प्राप्त जानकारी के…

रामपुर:पूर्व विधायक अफरोज अली खां ने हम एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शादाबशफ़ीक़ ख़ां से की मुलाक़ात।

रामपुर।आज पूर्व विधायक अफरोज अली खां हम एकता मंच के कार्यालय पर पहुंचे और राष्ट्रीय अध्यक्ष शादाब शफ़ीक़ ख़ां से मुलाक़ात कर उनका हाल चाल पूछा। मालूम हो कि शादाब…

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया भैया दूज का पर्व।

बाराबंकी: भैया दूज का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है इस दिन बहने अपने भाई का तिलक कर उनके उज्जवल भविष्य के लिए…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!