
विश्व बैंक प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी में कृषि तकनीक व जलवायु-स्मार्ट खेती का किया अवलोकन
वाराणसी, विश्व बैंक समूह के प्रबंध निदेशक पास्कल डोनाह्यू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को यूपी-एग्रीज एवं एग्री-कनेक्ट कार्यक्रम के तहत वाराणसी में डिजिटल कृषि, मत्स्य पालन, जलवायु-स्मार्ट खेती तथा कृषि अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल में जॉन, जोहाना, अनूप, संतोष, सुदीप, सौम्या एवं विनायक सहित यूपी-एग्रीज टीम तथा गूगल क्लाउड और नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी फाउंडेशन (एनएफएच) के प्रतिनिधि शामिल रहे।
आईआरआरआई में डिजिटल कृषि व एआई आधारित सेवाओं का प्रदर्शन किया गया। विनायक घाटाटे ने स्वागत एवं रूपरेखा प्रस्तुत की। पास्कल डोनाह्यू ने एग्री-कनेक्ट के विजन पर विचार रखे, जबकि प्रत्युष पांडेय, आईएएस ने ओएनए एवं यूपी-एग्रीज की भूमिका बताई। गूगल क्लाउड व एनएफएच ने तकनीकी जानकारी दी। आयकार्ट, कृषितंत्र, हकदर्शक, फार्मार्ट, ट्रेसएक्स, कातिधान एवं आर्या एजी ने कृषि सेवाओं के मॉडल प्रस्तुत किए।
सेवापुरी के तिलक फिश फार्म में मत्स्य पालन से आय विविधीकरण तथा ग्राम गोशिला में जलवायु-स्मार्ट धान खेती, डीएसआर, कृषि यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक एवं फसल अवशेष प्रबंधन का प्रदर्शन हुआ। ड्रोन दीदी, मानवेंद्र, एंथनी फुलफोर्ड, उप निदेशक कृषि अमित जायसवाल, यूपी-डास्प एवं सूर्य ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
आईआरआरआई दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में डॉ. विकास कुमार सिंह, डॉ. स्वाति नायक एवं डॉ. विक्रम पाटिल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। अमित श्रीवास्तव ने जीआईएस प्रयोगशाला, गौरव जायसवाल ने शैक्षणिक गतिविधियों, एंथनी फुलफोर्ड ने जीसी लैब, डॉ. विकास कुमार सिंह एवं उमा महेश्वर सिंह ने स्पीड ब्रीडिंग तथा सूर्यकांत खंडाई ने कृषि यंत्रीकरण की जानकारी दी। कार्यक्रम में तकनीक, अनुसंधान और किसान-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से किसानों की उत्पादकता एवं आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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