मितौली खीरी ,26 अगस्त 2026। लखीमपुर खीरी जनपद की मितौली तहसील क्षेत्र के पैला गांव में पीडब्ल्यूडी की पक्की रोड के किनारे करीब 20 फुट खाली भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शिकायतकर्ता राजू का कहना है कि उक्त भूमि उसकी सहन भूमि से संबंधित है और फुटपाथ के लिए छोड़ी गई बताई जाती है। शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में श्रेणी 6/2 के अंतर्गत दर्ज है तथा खतौनी संख्या 1428 व 1433 में इसका उल्लेख है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी की पक्की रोड के किनारे फुटपाथ के लिए दर्ज उक्त भूमि पर विपक्षी शत्रोहन लाल, रामकिशोर व जयलाल पुत्रगण अंगने द्वारा कथित रूप से दबंगई के बल पर कब्जा किया गया। आरोप है कि मौके पर टीन शेड, छप्पर और पक्का निर्माण कराया गया तथा करीब 40 फुट लंबी पक्की दीवार भी खड़ी कर दी गई। राजू का आरोप है कि निर्माण के चलते उसके आवागमन और घर के सामने की स्थिति भी प्रभावित हुई है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि 2016 में उस समय पुलिस की मौजूदगी में कथित रूप से अवैध निर्माण कर पक्की दीवार खड़ी कर दी गई तथा टीन शेड डाल दिया गया। अवैध निर्माण हटाने हेतु विवाद न्यायालय तक पहुंचा और वर्तमान में मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि न्यायालय द्वारा विवादित भूमि पर निर्माण एवं कब्जे को लेकर रोक का आदेश पारित किया गया है। राजू के अनुसार न्यायालय के आदेश की प्रति पुलिस प्रभारी नीमगांव को बाइंडाक के माध्यम से प्रेषित भी की जा चुकी है। इसके बावजूद विवादित स्थल को लेकर स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है।

न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि न्यायालय से रोक के आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर कथित रूप से कूड़ा-कचरा, लैट्रिन तथा गंदा मलबा डलवाया गया। राजू के अनुसार यह घटना 25 अगस्त 2026 को हुई। उसका आरोप है कि इस तरह विवादित भूमि पर गंदगी फैलाकर न केवल न्यायालय के आदेश की अवहेलना की गई, बल्कि उसके घर के दरवाजे के सामने भी गंदगी का अंबार लगा दिया गया।
राजू का कहना है कि घर के सामने गंदगी और गंदे मलबे के कारण आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि लंबे समय तक गंदगी रहने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। उसने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराकर स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है।
पुलिस पर प्रताड़ना और सुलह का दबाव बनाने का आरोप
मामले में शिकायतकर्ता राजू ने नीमगांव पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। राजू का कहना है कि उसे आए दिन कथित रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और न्यायालय में चल रहे मुकदमे में सुलह करने का दबाव बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक ओर मामला न्यायालय में विचाराधीन है और दूसरी ओर उसे लगातार परेशान किए जाने से वह मानसिक रूप से परेशान है।
राजू ने अधिकारियों से मांग की है कि पुलिस की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह न्यायालय की प्रक्रिया के तहत अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है और उसे किसी प्रकार का दबाव अथवा प्रताड़ना नहीं दी जानी चाहिए।

मंडलायुक्त के आदेशानुसार राजस्व कर्मियों द्वारा उक्त भूमि की पैमाइश कर अनाधिकार कब्जा प्रमाणित कर रिपोर्ट सिविल कोर्ट में प्रेषित की जा चुकी है।

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों, खतौनी संख्या 1428 व 1433
राजू ने अधिकारियों से यह भी मांग की है कि न्यायालय में विचाराधीन मामले और पारित आदेश को ध्यान में रखते हुए विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार की नई गतिविधि अथवा निर्माण को लेकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मामले में लगाए गए अवैध कब्जे, निर्माण, न्यायालय के आदेश की कथित अवहेलना, विवादित भूमि पर कूड़ा-मलबा डलवाने तथा पुलिस पर सुलह का दबाव बनाने के आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं।

इन आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक एवं पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

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