बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ | मेरठ–पानीपत रेल मार्ग

₹2,200 करोड़ के प्रावधान के बावजूद 18 साल से अधूरा सपना! बुढ़ाना–कांधला होते हुए मेरठ–पानीपत रेल लाइन के अंतिम सर्वे की फिर तैयारी

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जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख – रोहित जैन (दभेड़ी वाले)
मुज़फ्फरनगर

मुज़फ्फरनगर/

मेरठ – बुढ़ाना – काधंला – पानीपत

मेरठ–पानीपत नई रेलवे लाइन का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब 104 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेल परियोजना वर्षों से घोषणाओं, सर्वे और बजट प्रावधानों के बीच अटकी हुई है। अब वर्ष 2026 में अंतिम एवं ड्रोन सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ने की खबर ने क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें फिर जगा दी हैं।

पुराने रेलवे रिकॉर्ड के अनुसार इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹2,200 करोड़ बताई गई थी। वर्ष 2016-17 में परियोजना को बजट में शामिल किया गया था। वहीं वर्ष 2023 में लोकसभा में रेलवे मंत्रालय की ओर से बताया गया था कि परियोजना की DPR तैयार है, लेकिन उस समय इसे स्वीकृति नहीं मिली थी और निर्माण शुरू होने की समयसीमा भी निर्धारित नहीं थी।

अब 2026 में फिर तेज हुई हलचल

जून 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार मेरठ–पानीपत नई रेल लाइन के अंतिम सर्वे की दिशा में रास्ता साफ हुआ है। जुलाई 2026 में अंतिम एवं ड्रोन सर्वे के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की खबर सामने आई। अंतिम सर्वे के बाद नई DPR तैयार होने और उसके बाद परियोजना की आगे की स्वीकृतियों की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

प्रस्तावित रेल मार्ग से इन क्षेत्रों को उम्मीद

प्रस्तावित मार्ग में पानीपत–एलम–जौला–बुढ़ाना–मुल्हेड़ा–सरधना–दौराला जैसे क्षेत्र शामिल बताए गए हैं। रेल लाइन बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच आवागमन, व्यापार और रोजगार के अवसरों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

2009 से चल रही है रेल लाइन की मांग

इस परियोजना का इतिहास करीब डेढ़ दशक से भी अधिक पुराना है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 2009 में तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने रेल बजट में सर्वे की घोषणा की थी। इसके बाद अलग-अलग सरकारों और जनप्रतिनिधियों के स्तर पर इस रेल लाइन को आगे बढ़ाने के प्रयास होते रहे।

स्थानीय स्तर पर अभिनंदन त्यागी सहित पूर्व जनप्रतिनिधियों और रेलवे से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख मिलता रहा है। हालांकि किसी व्यक्ति द्वारा किए गए विशिष्ट वित्तीय प्रावधान अथवा योगदान की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर अलग से किया जाना आवश्यक है।

जनता का सीधा सवाल—आखिर कब चलेगी ट्रेन?

करीब 18 वर्षों से घोषणाओं, सर्वे और प्रस्तावों के बीच अब अंतिम सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ने की खबर से क्षेत्रवासियों को उम्मीद बंधी है। बुढ़ाना, जौला, एलम, कांधला सहित मेरठ और पानीपत क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब रेलवे की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

जनता का सवाल साफ है—

अब घोषणा और सर्वे से आगे बढ़कर रेल लाइन का निर्माण कब शुरू होगा?

104 किलोमीटर की परियोजना की वर्तमान वास्तविक लागत कितनी होगी?

अंतिम सर्वे कब पूरा होगा और नई DPR कब तैयार होगी?

केंद्रीय स्वीकृति कब मिलेगी?

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कब शुरू होगी?

बुढ़ाना क्षेत्र में रेलवे स्टेशन अथवा हाल्ट की स्थिति क्या होगी?

अब क्षेत्र की जनता सर्वे नहीं, बल्कि धरातल पर रेल लाइन का निर्माण और ट्रेनों के संचालन की तारीख जानना चाहती है।

मेरठ–पानीपत रेल लाइन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना है। वर्ष 2026 में अंतिम सर्वे की प्रक्रिया की खबर के बाद अब लोगों की उम्मीदें एक बार फिर रेलवे और केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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