एमडी न्यूज राष्ट्रीय शिकायत निवारण अधिकारी- अजीत यादव

गोंडा। मरने से पहले वीडियो जारी कर बीते 15 सितंबर को वरिष्ठ पत्रकार सुलेमान की मौत हो गई थी,मृतक पत्रकार ने मौत होने पर लेखपाल को कारण बताया था। सुलेमान ने वीडियो में कहा है दो तार ड्यूल पेस मेकर के लिए राममनोहर लोहिया के डाक्टर ने साढ़े सात लाख खर्च बताया था,सुलेमान ने जब मुख्य मंत्री कोष से सहायता मांगी तो विधायक के पत्र पर आयुष्मान कार्ड होते हुए लेखपाल प्रवीण शुक्ला ने पात्र बता कर संस्तुति कर दी थी,सुलेमान जिसपर दो लाख राममनोहर लोहिया में पहुंच गया लेकिन आपरेशन में साढ़े सात लाख का खर्च था तो दोबारा विधायक से पांच लाख का पत्र लिखवाया जिसपर प्रभारी लेखपाल आर के मिश्रा ने आपात्र घोषित कर रिपोर्ट भेजा। जिससे राहत कोष से पैसा नहीं मिला जिसकी जानकारी होने पर सुलेमान ने वीडियो जारी किया था। डाक्टर और तहसीलदार अपनी रिपोर्ट में इन दोनों रिपोर्ट को स्वीकार किया है वहीं दो अन्य रिपोर्ट का उदाहरण दिया है जिसमे आयुष्मान कार्ड धारक को राहत कोष से अनुदान मिलने को पात्र लिखा लेकिन शासन ने अस्वीकृति कर दिया ,इसको भी दर्शाया गया है रिपोर्ट में यह भी कहा है दो तार ड्यूल पेसमेकर के आपरेशन का कोई शासनादेश नहीं पाया,गुगल पर सर्च करने पर पाया कि पांच लाख तक आयुष्मान कार्ड से हो जाता है ज्यादा होने पर मुख्य मंत्री कोष से मिलने पर संभव होगा, वही यह भी दर्शाया है कि सुलेमान के परिजन मौखिक बताए कि दो तार ड्यूल पेशमेकर का डाक्टर ने साढ़े सात लाख बताया था रिपोर्ट के अंत में लेखपाल द्वारा कोई त्रुटि नहीं किया गया है। इस घोल मोल रिपोर्ट में डाक्टर और तहसील दार की भूमिका संदिग्ध है लेखपाल को बचाने का प्रयास किया गया है,संगठन डाक्टर और तहसीलदार की भूमिका को भी मजिस्ट्रेटी जांच में शामिल करने की मांग की है।

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