वाराणसी। रिपोर्ट: सलीम जावेद, सहायक ब्यूरो।
वाराणसी के बुनकर कॉलोनी में 27 सितंबर 2026 को अंजुमने सिद्दीकिया बनारस की जानिब से सालाना जश्ने गौसे आज़म व बज़्मे महबूबे इलाही की अज़ीमुश्शान और रूहानी महफिल का आयोजन किया गया। महफिल में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का लाभ उठाया।यह रूहानी महफिल हज़रत मौलाना अब्दुल मुत्तलिब मुजद्दिदी साहब की सरपरस्ती में आयोजित हुई। कार्यक्रम के दौरान उलेमा-ए-किराम ने धार्मिक विषयों पर अपने विचार रखे और लोगों को नेक रास्ते पर चलने, आपसी भाईचारा एवं इंसानियत का पैगाम देने की अपील की।महफिल में खुसूसी बयान हज़रत मौलाना पीर शफीक अहमद मुजद्दिदी साहब और हज़रत मौलाना मुफ्ती शाहज़ैब मुस्तफ़ाई साहब ने फरमाया। वक्ताओं ने बुजुर्गाने दीन की शिक्षाओं, इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला।महफिल का आगाज़ जनाब कारी शायान अज़हर साहब ने तिलावते कुरआन पाक से किया। इसके बाद जनाब तहसीन इस्माइली और अल्तमश बनारसी ने नात-ए-पाक और मनकबत पेश की, जिसे सुनकर मौजूद अकीदतमंदों ने खूब दाद दी। नात और मनकबत के दौरान पूरा माहौल रूहानी और खुशनुमा नजर आया।कार्यक्रम के अंत में अंजुमने सिद्दीकिया बनारस की जानिब से लंगर का भी इंतजाम किया गया, जिसमें अकीदतमंदों ने शिरकत की। आयोजकों के मुताबिक इस रूहानी महफिल में करीब 200 से 250 अकीदतमंदों ने भाग लिया।महफिल के दौरान लोगों ने अमन, भाईचारे और इंसानियत के पैगाम को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन दुआ के साथ हुआ।

