
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का काशी में भव्य स्वागत

वाराणसी, परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज छत्तीसगढ़ में चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान पूर्ण कर बुधवार शाम काशी पहुंचे। ब्रह्मचारी परमात्मानंद जी की अगुवाई में संतों, भक्तों और काशीवासियों ने शहनाई, ढोल-नगाड़े, पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। श्रीविद्यामठ पहुंचने पर कमला प्रसाद मिश्रा एवं प्रेमलता मिश्रा ने चरण पादुका पूजन कर आरती उतारी।
मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य जी ने कहा कि काशी में अब गौमाता के प्राणों की रक्षा और उन्हें राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने राम मंदिर चोरी प्रकरण को लेकर भी अपनी बात रखी।
मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि शंकराचार्य जी नवरात्र पर्यंत काशी में विराजेंगे और इस दौरान विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान एवं मांगलिक आयोजन होंगे।
कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, साध्वी शारदांबा दीदी, अनुसूया प्रसाद उनियाल, रवि त्रिवेदी, हजारी कीर्ति शुक्ला, श्रीप्रकाश पाण्डेय, वैभव त्रिपाठी, पं. सदानंद तिवारी, दिनेश मिश्रा, अभय शंकर तिवारी, सौरभ हजारी शुक्ला, लता पाण्डेय, माधुरी पाण्डेय, उर्मिला शुक्ला, रिंकी सिंह और सुनीता जायसवाल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
