
रुदौली क्षेत्र के ग्राम पस्तामाफी, पोस्ट अब्बूपुर निवासी लवकुश पुत्र राम अवध ने जिलाधिकारी अयोध्या को प्रार्थना-पत्र देकर प्रसूता पत्नी के इलाज के नाम पर कथित रूप से लाखों रुपये वसूलने और अस्पतालों द्वारा गलत जांच व इलाज किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा कथित रूप से ठगे गए रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
प्रार्थना-पत्र के अनुसार, लवकुश की पत्नी रिंकी गर्भवती थीं। उन्हें 25 सितंबर 2026 को इलाज के लिए हिंद अस्पताल, भेलसर, जिला अयोध्या में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि 26 सितंबर को करीब सुबह छह बजे प्रसव हुआ और नार्मल बच्चे का जन्म हुआ। प्रार्थी का कहना है कि पत्नी की जांच एवं इलाज के नाम पर अस्पताल में करीब 85 हजार रुपये लिए गए।
आरोप है कि इसके बाद हिंद अस्पताल द्वारा लखनऊ के एरिस अस्पताल का पता देते हुए बच्चे को इलाज के लिए वहां भेजा गया। प्रार्थी के मुताबिक वहां पहुंचने पर अस्पताल की ओर से जांच एवं इलाज के नाम पर 5 हजार रुपये जमा कराए गए, जिसकी रसीद संख्या 713, दिनांक 26 सितंबर 2026 बताई गई है।
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि इसके बाद बच्चे को आईसीयू में रखकर 29 सितंबर तक करीब 2.50 लाख रुपये और लिए गए। जब प्रार्थी ने उनसे इलाज का बिल मांगा तो उसे बिल उपलब्ध नहीं कराया गया। प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि दोनों अस्पतालों के बीच मिली भगत कर इलाज एवं जांच के नाम पर करीब चार लाख रुपये तक की धनराशि ली गई और बाद में भी रुपये की मांग की जाती रही। प्रार्थी ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि अस्पतालों द्वारा मरीज की रिपोर्ट और इलाज के नाम पर कथित तौर पर गलत जानकारी दी गई। उसने हिंद अस्पताल रुदौली, अयोध्या एवं उसके सहयोगी अस्पताल के कृत्यों की जांच कर कानूनी कार्रवाई किए जाने तथा उससे लिए गए रुपये वापस दिलाने की मांग की है। 30 सितंबर 2026 को दिए गए प्रार्थना-पत्र में लवकुश ने जिलाधिकारी से घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच में लगाए गए आरोपों की क्या सच्चाई सामने आती है।
नोट: अस्पतालों पर लगाए गए आरोप प्रार्थी के शिकायती पत्र पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
