निचलौल/महाराजगंज। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने गुरुवार को हेरा पब्लिक इंटर कॉलेज में साइबर जागरूकता अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं को डिजिटल ठगी से बचाव के प्रति सजग किया। कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी के जरिए होने वाली ठगी और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए सतर्कता को ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय बताया गया।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश के तहत अक्टूबर 2026 को National Cyber Security Awareness Month (NCSAM) के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक बुधवार को जनपद स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों, व्यापारिक संगठनों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, ठगी सहित विभिन्न साइबर अपराधों की रोकथाम के प्रति आमजन को जागरूक करना है।

हेरा पब्लिक इंटर कॉलेज में दोपहर करीब एक बजे आयोजित कार्यक्रम में निचलौल थाने की पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधियों के काम करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी। साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव के नेतृत्व में कॉन्स्टेबल संजीव कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी फोन कॉल, फर्जी मैसेज, सोशल मीडिया और संदिग्ध लिंक के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाकर आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे मामलों में थोड़ी सी सतर्कता बड़ी ठगी को रोक सकती है।

पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम एवं डेबिट-क्रेडिट कार्ड का विवरण, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी। साथ ही अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने के लिए जागरूक किया गया।

पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देना चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। छात्र-छात्राओं से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।

कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक संजय यादव, कॉन्स्टेबल संजीव कुमार, उत्कर्ष मिश्र एवं महिला कांस्टेबल सपना मौजूद रहीं। पुलिस के इस अभियान से छात्र-छात्राओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने और साइबर अपराधों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
