*प्रेस नोट थाना कांट* *जनपद शाहजहाँपुर**सराहनीय कार्य दिनांक- 21.05.25* *थाना कांट पुलिस द्वारा किया गया सराहनीय कार्य**थाना कांट पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थो की तस्करी करने वाले 01 अभियुक्त को 1 किलो 50 ग्राम फाइन क्वालिटी अफीम (अन्तर्राष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 03 लाख रुपये) मादक पदार्थ व एक अदद गाडी होन्डई एकसेन्ट कार रंग सफेद के साथ किया गिरफ्तार।* श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद शाहजहाँपुर के निर्देशानुसार जनपद में अपराध की रोकथाम व अवैध शराब एंव अवैध शस्त्र , मादक पदार्थ का कारोबार करने वाले क्रियाशील एंव चिन्हित किये गये अपराधियों , वाछित एंव वारंटी अभियुक्तगण की गिरफ्तारी एंव अपराध की रोकथाम के परिपेक्ष्य मे प्रचलित अभियान के क्रम मे श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक नगर महोदय के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में श्रीमान प्रभारी निरीक्षक थाना कांट के नेतृत्व में दिनांक 21.05.2025 को अभियुक्त राजू पुत्र काशीराम उम्र करीब 34 वर्ष निवासी ग्राम इतिहापुर थाना बेनीगंज जनपद हरदोई को ददरौल मोड से करीब 50 मीटर आगे ग्राम सफत्यारा की ओर जाने वाली सडक पर के पास से लगभग 01 किलो अफीम 50 ग्राम व एक प्लास्टिक के पारदर्शी डिब्बे में 01 अदद मोबाइल एनड्रायड ,व 01 अदद पर्स , 01 अदद आधार कांर्ड व 250 रूपये, एक अदद गाडी होन्डई एकसेन्ट कार रंग सफेद के साथ समय करीब 01.00 बजे गिरफ्तार किया गया । बरामदगी/गिरफ्तारी के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है । *गिरफ्तार / बरामदगी का विवरण अभियुक्तः–* 1. राजू पुत्र काशीराम उम्र करीब 34 वर्ष निवासी ग्राम इतिहापुर थाना बेनीगंज जनपद हरदोई*पंजीकृत अभियोग –* 1. मु0अ0स0 – 250/2025 धारा 8/18 NDPS ACT बनाम राजू पुत्र काशीराम उम्र करीब 34 वर्ष निवासी ग्राम इतिहापुर थाना बेनीगंज जनपद हरदोई थाना कांट जनपद शाजहाँपुर।*गिरफ्तारी का दिनांक व समयः-* 1. दिनांक 21.05.2025 समय 01.00 बजे , ददरौल मोड से करीब 50 मीटर आगे ग्राम सफत्यारा की ओर जाने वाली सडक पर के पास से*पूछताछ का विवरणः-* श्रीमान प्रभारी निरीक्षक काँट द्वारा पूछने पर अभियुक्त राजू पुत्र काशीराम उम्र करीब 34 वर्ष निवासी ग्राम इतिहापुर थाना बेनीगंज जनपद हरदोई मे बताया गया कि आज जो मुझसे अफीम बरामद हुई है वह बेनीगंज क्षेत्र के हरदोई जिले के करनवीर सिंह सरदार की है । करनवीर सिंह यह अफीम लाकर बरेली , बदाँयू , शाहजहाँपुर व आस पास के जिलो के साथ – साथ दिल्ली , पंजाब तक सप्लाई करता है । आज करनवीर ने मुझे यह अफीम देकर भेजा था और जिस मोड पर मै खडा था और वहीं पर उसके लोग आ जाते और अफीम को मुझ से ले जाते । अफीम करनवीर के बताये अनुसार पहुँचाने के लिये मुझे एक बार के पाँच – सात हजार रुपये देता है । खाना खर्चा एवं किराया अलग से देता है । करनवीर के जो लोग अफीम लेने आते उनको मैं नही पहचानता हूँ । जो मै अफीम पहुँचता हूँ उसका पैसा सीधा करनवीर ही ले लेता है । एक दो बार पहले भी करनवीर ने मुझे भेजा था । माल उसके लोग इसी जगह से ले गये थे ।*बरामदगी का विवरणः–*1. लगभग 01 किलो अफीम 50 ग्राम2. एक प्लास्टिक के पारदर्शी डिब्बे में 01 अदद मोबाइल एनड्रायड3. 01 अदद पर्स व 250 रुपये4. 01 अदद आधार कांर्ड 5. एक अदद गाडी होन्डई एकसेन्ट कार रंग सफेद*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीमः-*1. उ0नि0 कुलदीप कुमार थाना काँट जनपद शाहजहाँपुर2. उ0नि0 अरविन्द कनौजिया थाना काँट जनपद शाहजहाँपुर3. का0 2138 सुनील कुमार थाना काँट जनपद शाहजहाँपुर4. का0 2143 शुभम कुमार थाना काँट जनपद शाहजहाँपुर5. का0 2739 गौरव कुमार थाना काँट जनपद शाहजहाँपुर6. का0 1701 वीरेन्द्र कुमार थाना काँट जनपद शाहजहाँपुर

By admin_kamish

बहुआयामी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!