मोहर्रम की आठवीं पर निकला शांति पूर्ण जुलूस, गूंजे ‘या हुसैन’ के नारेहथीपुर उत्तरी से अन्जुमन मिल्लते इस्लामियाँ मजलिस कमेटी ने किया सबील का इंतजाम मोहम्मद असलमलखीमपुर खीरी। मोहर्रम की आठवीं के अवसर पर मोहल्ला हाथीपुर उत्तरी में अन्जुमन मिल्लते इस्लामियाँ मजलिस कमेटी के द्वारा परंपरागत तरीके से जुलूस निकाला गया। अन्जुमन मिल्लते इस्लामियाँ मजलिस कमेटी की अगुवाई में निकाले गए इस जुलूस में बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और मासूम बच्चों ने हिस्सा लिया। जुलूस में शामिल अज़ादार या हुसैन, या सकीना, या अब्बास के नारों के साथ मातम करते हुए हाथीपुर कोठार तक पहुंचे। हाथीपुर कोठार में भी अज़ादारों ने मातम कर इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद किया। सदर मोहम्मद जावेद ने कहा, मोहर्रम हमारे लिए सिर्फ शोक का महीना नहीं है, बल्कि यह इंसाफ, इंसानियत और बलिदान का पैगाम देता है। इमाम हुसैन ने कर्बला में अन्याय के खिलाफ जो मिसाल पेश की, वह हर इंसान के लिए सबक है। मोहम्मद असलम ने कहा, बीबी ज़ैनब की हिम्मत और सब्र से हमें यह सीख मिलती है कि कठिन हालात में भी सच और हक के लिए खड़ा रहना चाहिए। महिलाएं इस जुलूस में इसलिए शामिल होती हैं ताकि इस पैगाम को जिंदा रखा जा सके। अन्जुमन मिल्लते इस्लामियाँ मजलिस कमेटी की ओर से जुलूस मार्ग में सबील ठंडे पानी और शरबत की व्यवस्था लगाई गई, जिससे अज़ादारों को राहत मिली। आयोजन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पूरा जुलूस शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। अन्जुमन मिल्लते इस्लामियाँ मजलिस कमेटी मे, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद असलम, अरिफ अली, नसीर अंसारी, तौहीद खान, रहमान खान, आरिफ, मोहम्मद नफीस, शाह आलम (मोनू), अकीब अली, जलीस,आदिल कुरेशी, मो० फैसल कमाल, शादाब, अयान, शीबू मेंबर मौजूद रहे।



