1300 साल पुराने ऐतिहासिक गांव अनंगपुर पर चला बुलडोजर, मासूमों के सिर से छिना छत का साया राष्ट्रीय किन्नर संघ एवं राष्ट्रीय महिला एकता संगठन ने उठाई आवाज।

मुजफ्फरनगर।फरीदाबाद राजा अनंगपाल द्वारा बसाया गया 1300 साल पुराना ऐतिहासिक गांव अनंगपुर आज सरकारी कार्रवाई की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। इस ऐतिहासिक स्थल पर प्रशासनिक बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। और ग्रामीणों को जबरन उजाड़ा जा रहा है। यह वही अनंगपुर है, जो एक समय राजा अनंगपाल की राजधानी के रूप में विख्यात था। गांव में प्रशासन की इस सख्ती के खिलाफ लोगों में भारी रोष है। राष्ट्रीय किन्नर संघ एवं राष्ट्रीय महिला एकता संगठन ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा है। कि यह सिर्फ एक उजाड़ी नहीं, बल्कि इतिहास, मानवता और सभ्यता पर सीधा हमला है। दोनों संगठन की ओर से बताया गया। कि गांव के छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। बेघर होते लोग रो रहे हैं। , कुछ अपनी ज़मीन और घर बचाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की मशीनें किसी की नहीं सुन रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पास वर्षों पुराने कागजात और प्रमाण हैं। इसके बावजूद उन्हें जबरन हटाया जा रहा है। गांव की मिट्टी में बसा इतिहास, संस्कृति और पीढ़ियों की यादें एक झटके में मलबे में तब्दील हो रही हैं। राष्ट्रीय किन्नर संघ एवं राष्ट्रीय महिला एकता संगठन ने इस कार्यवाही को पूरी तरह अमानवीय और अन्यायपूर्ण बताया है। और केंद्र सरकार से मांग की है। कि गांव को उजड़ने से रोका जाए। और यहां के निवासियों को कानूनी सुरक्षा और राहत दी जाए। गांव की माताओं की गोद से बच्चे छीनने जैसा दृश्य उत्पन्न हो गया है। महिलाएं बिलख रही हैं और बुजुर्ग सदमे में हैं। यह पूरा घटनाक्रम न केवल प्रशासन की संवेदनहीनता दर्शाता है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को भी चोट पहुंचना है। यह सवाल सिर्फ अनंगपुर का नहीं है। हम नहीं बचा सके तो कल हमारी पहचान क्या रह जाएगी ।

एम, डी, न्यूज़, मुजफ्फरनगर से रूखशीद अहमद की रिपोर्ट।

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