वाराणसी चेहल्लुम ताजिया वा ज़ुलजना अलम जुलूस या हुसैन या अब्बास या सकीना की सदाएं लगी जुलूस शांति पूर्वक जिला प्रशासन की मौजूदगी में निकाला गया!वाराणसी से संवादाता सलीम जावेद जनपद वाराणसी में हर वर्ष की तरह इस बार भी चेहल्लुम ज़ुलजना अलम व ताजिया का जुलूस निकाला गया ताजिया के मुतवल्ली जौहर अली और दुल दुल के मुतवल्ली मुख्तार हुसैन के दौलत खाने से उठा कर कदमी रास्ते होते हुए रसूलपुरा इमाम चौक के पास पहुंचा उसके बाद ताजिया व अलम उठाया गया नौहा खानी मातम हुआ ताजिया 12,,8,,2025 को रसूलपुरा इमाम चौक पर दोपहर 3 बजे रखा जाता है और उसके बाद सभी शिया समुदाय के मर्द और खवातीन दूर दूर से जियारत करने के लिए आने जाने का सिलसिला पूरी रात व दिन चलता रहता है वहीं क्षेत्रीय बच्चे बुजुर्ग महिलाओं की भी चहल पहल रहती है बनारस की कई अंजुमन भी ताजिया के पास ज़ियारत कर नौहे व मातम पेश करते हैं 13,,8,,2025 को शाम थाना बृजेश मिश्रा के जैतपुरा प्रभारी के नेतृत्व में जुलूस रसूलपुर ईमान चौक से दुल आलम का जुलूस साथ ताजिया के साथ शामिल होकर शाम 7 बजे उठाया गया,हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी अपने कदमी रास्ते बकरा बाद मैदान ,,ओरिपुरा,, तेलियाना,,, बड़ीबजार,, छःमोहानी ,, थाना जैतपुरा गेट,, औशनगंज चौराहा,, डी ए वी कॉलेज,, तिराहा से नाटी इमली चौराहा होते हुए बुनकर कॉलोनी से गब्बू मामबाड़ा में ठंडा किया जाता है जंजीर से छोटे छोटे बच्चे और बुजुर्ग ने सीना ज़ानी करते हुए लहूलुहान कर शहीदों को याद किया इमामबाड़ा सभी शहीदों को याद कर लोगो की आंखे नम हो जाती है ताजिया व दुल दुल के मुतवल्ली ने बताया कि इस जुलूस में सुन्नी व हिंदू सभी लोग मन्नते लेकर आते हैं और दुल को दूध पिलाती है फूल माला भी पेश करती है यह परंपरा कई वर्ष से होते हुए आ रही है इस पूरे जुलूस की ज़ीनत अंजुमन अंसारें हुसैनी रसूलपुर बनारस रहती है कार्यक्रम के संयोजक जफर अली अलमदार हुसैन एडवोकेट,, मुबारक अली आदि लोगों की मौजूदगी में संपन्न होता है समय-समय पर शांति व्यवस्था यातायात व्यवस्था बनाए रखने में समाज सेवा सोसायटी उत्तर प्रदेश जिला वाराणसी के वालंटियर भी पूरे जुलूस में समाप्ति तक जिला पुलिस प्रशासन के साथ कंधा से कंधा मिलाकर मौजूद रहे ; जुलूस में पूरे रास्ते भारी पुलिस बल भी मौजूद रही!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *