बरसात के बाद मौसम में बदलाव, डॉक्टर ने दी एहतियात बरतने की सलाहरिपोर्टर नौशाद मलिक ———————बिजनौर। गर्मी के बाद बरसात ने राहत दी, लेकिन अब बरसात के बाद मौसम में ठंडक घुलने लगी है। सुबह-शाम हल्की ठंडी हवाएं और दिन में कभी-कभी उमस भरा मौसम लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। ऐसे में मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर सतर्क रहना ज़रूरी है।स्थानीय चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि इस समय तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार, वायरल इंफेक्शन, डेंगू, मलेरिया और पेट संबंधी रोग बढ़ने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन के दौरान प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाए रखना सबसे ज़रूरी है।डॉ. वर्मा ने दिए ये सुझाव:1. गुनगुना पानी पिएं – ठंडा पानी या बर्फ से परहेज़ करें।2. मौसमी फल-सब्ज़ियां खाएं – विटामिन-सी युक्त फल (नींबू, संतरा, अमरूद) रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।3. मच्छरों से बचाव करें – मच्छरदानी का उपयोग करें और आसपास पानी जमा न होने दें।4. भीगने से बचें – बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदलें और बाल सुखाएं।5. हल्का और पौष्टिक भोजन लें – बाहर का तला-भुना खाना कम खाएं।6. नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद – शरीर को फिट रखने में मददगार।डॉ. वर्मा ने लोगों से अपील की कि मौसम बदलने के इस दौर में लापरवाही न बरतें और ज़रा सी भी तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लें।

