मुजफ्फरनगर में फर्जी अस्पतालों का साम्राज्य अब होगा बड़ा खुलासा, किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा का बड़ा ऐलान मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
अब खुलकर सामना करगे इंतजार अंसारी।

एम डी न्यूज़ मुजफ्फरनगर से रूखशीद अहमद की रिपोर्ट।
जनपद मुजफ्फरनगर में फर्जी अस्पतालों और अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ अब बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और फर्जी डॉक्टरों के खेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम की मौजूदगी में 16 सितंबर (मंगलवार) को स्वास्थ्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुजफ्फरनगर को एक सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा जाएगा। क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष इंतजार अंसारी
प्रदेश अध्यक्ष (अल्पसंख्यक मोर्चा) इंतजार अंसारी ने कहा जनपद में मरीज जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, मगर फर्जी अस्पताल और नकली डॉक्टर अपनी जेबें भर रहे हैं। अब सड़कों से लेकर दफ्तर तक खुलकर सामना किया जाएगा। मौत का कारोबार करने वालों को बेनकाब कर जेल भेजा जाएगा 1. फर्जी अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की उच्चस्तरीय जांच 2. बिना डिग्री और पंजीकरण वाले डॉक्टरों पर कठोर कार्रवाई 3. गरीब व आम मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए 4. दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए 5. स्वास्थ्य विभाग की कार्यक्षैली की समीक्षा 6. शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था 7. दोषी अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई अस्पताल में इलाज कराने जाते हैं। , लेकिन मौत साथ लेकर लौटते हैं। पीड़ित परिवार से डॉक्टर बनकर बैठे लोगो से सिर्फ जेब काट रहे हैं। स्थानीय निवासी सरकार ने अगर कार्रवाई नहीं की तो जनता सड़क पर उतरेगी मोर्चा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर तुरंत कार्रवाई का दबाव शहर के कई निजी अस्पतालों और सेंट्रो में सन्नाटा में खौफ का माहौल आम जनता में न्याय और सुरक्षा की उम्मीद जगी मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत दर्जनों अवैध अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर सक्रिय कई जगहों पर बिना डिग्री वाले डॉक्टर इलाज कर रहे हैं पिछले दो वर्षों में मरीजों की मौतो के कई विवादित मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही सिर्फ कागजों तक सीमित है । कोई आंदोलन नहीं है बल्कि मुजफ्फरनगर की स्वास्थ्य व्यवस्था की असलियत उजागर कर करती है। माना जा रहा है कि इस ज्ञापन और विरोध प्रदर्शन के बाद जिले में बड़े स्तर पर छापेमारी और कार्यवाही देखने को मिल सकती है।
