मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्थाओं पर सांसद का तंज…बोले- बड़े साहब ने अपने स्टाफ को ही लगा दिया ‘पत्र का इंजेक्शन’।
नर्सिंग अधिकारी ने की लीव संबंधी शिकायत तो सीएमएस ने नोटिस थमाया, कहा-व्यक्तिगत शिकायत करना अनुशासनहीनता।
सोमवार को सांसद आदित्य यादव और सहसवान विधायक ब्रजेश यादव ने किया था राजकीय मेडिकल कॉलेज का दौरा।
रिपोर्टर प्रदीप पाण्डेय बदायूं
बदायूं सांसद आदित्य यादव के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भ्रमण और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के दौरान एक नर्सिंग अधिकारी द्वारा लीव की शिकायत करना उसे भारी पड़ गया। सीएमएस ने नर्सिंग अधिकारी को नोटिस देते हुए व्यक्तिगत शिकायत करने को अनुशासन हीनता बताते हुए नोटिस दिया है।

समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने सोमवार को जेल व मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। मेडिकल कॉलेज में उन्हें काफी अव्यस्थाएं मिलीं। यहां कई जगह सीलिंग उधड़ी हुई थी। ऑक्सीजन प्लांट भी चलता हुआ नहीं मिला। इस पर सांसद ने कहा था कि मौजूदा सरकार मेडिकल कॉलेज को ठीक से चला नहीं पा रही। जनता को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

इसी दौरान मेडिकल कॉलेज में तैनात नर्सिंग अधिकारी पूनम तोमर ने सांसद को बताया कि उन्होंने दो महीने कीसीसीएल मांगी थी लेकिन नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि तीन महीने की सीएल अधिकारियों द्वारा दे दी जाती है लेकिन सीसीएल देने में उन्हें परेशानी होती है। इस दौरान मौजूद सहसवान विधायक ब्रजेश यादव ने कहा था कि सीसीएल और मेटरनिटी लीव अधिकार है और इसे नहीं रोका जा सकता। सीएमए ने किया नर्सिंग अधिकारी का जवाब तलबबदायूं। पूनम तोमर द्वारा शिकायत किए जाने से नाराज मेडिकल कॉलेज के सीएमएस ने उनका जवाब तलब करते हुए नोटिस दिया है, जिसमें कहा गया है कि सांसद के कॉलेज भ्रमण के समय आपने अपनी व्यक्तिगत शिकायत उनके सामने रखी जो अनुशासन हीनता है। सीएमएस ने नोटिस में तीन दिन में जवाब मांगा है। सांसद ने ये लिखा एक्स परबदायूं। सांसद ने लिखा है कि मेडिकल कॉलेज का हाल देखिए, जहां अस्पताल का ही स्टाफ अपनी समस्याएं लेकर आया तो समस्या का हल देने के बजाय सीएमएस ने ‘पत्र का इंजेक्शन’ लगा दिया। मरीजों का दर्द हो या कर्मचारियों की शिकायत, योगी आदित्यनाथ के स्वास्थ्य मंदिरों’ में सबका इलाज काग़ज़ी खानापूर्ति से होता है
