गोरखपुर ।17 सितम्बर विकास खंड जंगल कौड़िया के ब्लॉक मुख्यालय पर उपनिदेशक पंचायत गोरखपुर मंडल के निर्देशन में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना का दो दिवसीय कार्य शाला का आयोजन सम्पन्न हुआ कार्यशाला में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के अंतर्गत विभिन्न घटकों का ग्राम प्रधान गण, पंचायत सहायक और समूह सखी की एक सक्रिय महिला को मास्टर ट्रेनरों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत मास्टर ट्रेनर आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रशिक्षण में आए सभी प्रतिभागियों के स्वागत और जल जीवन से संबंधित सामान्य जानकारी दी गई कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मास्टर ट्रेनर उपेंद्र सिंह द्वारा जल जीवन की विभिन्न घटकों की विस्तृत जानकारी दिया गया मास्टर ट्रेनर सूर्य प्रकाश वर्मा द्वारा जल जीवन से संबंधित विभिन्न घटकों के टेक्निकल पहलुओं की जानकारी दी गई साथ ही मास्टर ट्रेनर बंदना पांडेय द्वारा प्रशिक्षण में आए हुए लोगों का टीएमपी कराया गया कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ फैकल्टी डी.पी.आर.सी.महाराजगंज कल्पना शुक्ला द्वारा किया गया।
उक्त कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) प्रिया साहनी, सहायक विकास अधिकारी (आई एस बी) डॉ शरद श्रीवास्तव, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण,मास्टर ट्रेनर आशीष कुमार श्रीवास्तव, उपेंद्र सिंह, सूर्य प्रकाश वर्मा, बंदना पांडेय, संतोष यादव, सूर्यभान गरिमा दस्ता के राज कुमार, सोमनाथ , सुग्रीव एवं अन्य प्रशिक्षक मौजूद रहे।

0 views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

फतेहपुर: रेडक्रॉस सोसाइटी ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए जीवन रक्षा और सामाजिक जागरूकता के गुर MD NEWS बहुआयामी समाचार। रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर फतेहपुर। अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर आज राजकीय महिला महाविद्यालय की एनसीसी कैडेट्स के लिए एक वृहद जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान और डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयोजकत्व में यह कार्यक्रम रेडक्रॉस भवन में संपन्न हुआ। अभियान का नेतृत्व रेडक्रॉस के चेयरमैन व उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने किया।कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स को मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया:टीबी जागरूकता: मुख्य वक्ता डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने कैडेट्स को टीबी बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी को ‘निक्षय मित्र’ बनकर समाज से टीबी उन्मूलन में सहयोग करने का आह्वान किया।जल संरक्षण: डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने पानी की हर बूंद को कीमती बताते हुए स्कूलों/घरों में ‘वाटर बेल’ लगाने और आरओ (RO) से निकलने वाले वेस्ट पानी को एकत्र कर उपयोग में लाने की अपील की। इस दौरान जल संरक्षण जागरूकता निवेदन पत्रक भी बांटे गए।नशामुक्ति संकल्प: कैडेट्स को जागरूक करते हुए वक्ताओं ने कहा, “हमारा शरीर डस्टबिन नहीं है।” तंबाकू से कैंसर और अत्यधिक अल्कोहल से लिवर की गंभीर बीमारियां होती हैं। इसके बाद सभी कैडेट्स ने खुद नशे से दूर रहने और दूसरों को प्रेरित करने की शपथ ली।सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण: डॉ. अनुराग ने आपातकालीन स्थिति में जान बचाने के लिए ‘कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन’ (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का दिल काम करना बंद कर दे, तो 1 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को 1 मिनट में 120 बार दबाव व 8 बार मुंह से सांस (30 बार दबाव और 2 बार सांस का चक्र) देकर और 1 वर्ष से छोटे बच्चे को 1 मिनट में 60 बार दबाव व 8 बार सांस देकर जीवन बचाया जा सकता है।इस सफल आयोजन में रेडक्रॉस के कार्यकारिणी सदस्य चैतन्य कुमार और प्रबंध समिति सदस्य उमेश कुमार श्रीवास्तव ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।