रिपोर्ट रमाकांत

बरसाना। एक राजा को कोई भी निर्णय करने से पूर्व साधुमत, लोकमत, वेदमत और राष्ट्र के हितेछु जन का मत अवश्य लेना चाहिए। मानस में वर्णित वशिष्ठ मुनि द्वारा प्रभु श्रीराम को दिए गए इस उपदेश का उल्लेख प्रख्यात श्रीराम कथा प्रवक्ता मोरारी बापू ने व्यासपीठ से किया।
शनिवार को बरसाना की माताजी गोशाला में आयोजित मानस गौ सूक्त आधारित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के प्रवक्ता मोरारी बापू ने आठवें दिन की कथा सुनाई। बापू ने कहा कि
बरसाना की भूमि प्रेममयी, रसमयी और करुणामयी भूमि है जिस पर ऊंची अटारी वाली की कृपा बरसती रहती है।
अथर्ववेद के गौसूक्त के एक मंत्र से बापू ने कहा कि ऋषि प्रार्थना करता है कि हमारे देश की गाय और उसकी नस्ल नष्ट न हो, गाय चोरी न हो, शत्रु गाय की हत्या न करें, गाय से मिला दूध हम देवताओं को अर्पण करें, जिससे हमें दान करने की प्रेरणा मिले। बापू ने आगे कहा कि हमारे चारों वेदों में 742 बार गाय का उल्लेख किया गया है। वेदों के अनुसार गाय के 21 नाम मिलते हैं जिनमें अहल्या, अदिति, अष्टातरणि, गौ, गौरी, दक्षणा, धेनु, सुरभि आदि प्रमुख हैं।
गौ सूक्त के उपरांत बापू ने श्रीराम कथा से प्रभु श्रीराम और उनके भाइयों का नामकरण संस्कार, मुनि वशिष्ठ से विद्या ग्रहण करना, विश्वामित्र मुनि के जाकर राम और लक्ष्मण द्वारा उनके यज्ञ की रक्षा कर राक्षसों का संहार करना आदि प्रसंग सुनाए। श्रीराम कथा सुन कर श्रोता भाव विभोर हो उठे।
श्रीराम कथा के आठवें दिन लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह बापू की कथा सुनने के लिए माताजी गोशाला पहुंचे। राधारानी की जय से अपनी बात शुरू करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस समय जब देश में हर जगह रामलीलाएं आयोजित हो रहीं है, ऐसे में ब्रज की भूमि और गौसेवा के स्थान पर मोरारी बापू से रामजी की कथा सुनना सौभाग्यपूर्ण है। बापू की राम कथा से पूरा देश और धरती राममय हो जाते हैं। प्रभु राम का जीवन आदर्श, सत्य, प्रेम और करुणा की शिक्षा देता है। मनुष्य को अपना जीवन श्रीराम के चरणों में समर्पित करना चाहिए। जीवन में भगवान राम का स्मरण सदैव बना रहना चाहिए।
आज की कथा में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, बनारस के जगद्गुरु सतुआ महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्भय पांडे, चतुर संप्रदाय के अध्यक्ष फूलडोल दास महाराज, लाडली दास महाराज, हरिशंकर दास, गोपेश्वर बाबा, जगतगुरू सच्चिदानंद महाराज, कोसी कलां के चेयरमैन धर्मवीर अग्रवाल, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट खेमचंद शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष किशन चौधरी, पुनीत चतुर्वेदी, विपिन चतुर्वेदी, पंकज चतुर्वेदी, अजय चतुर्वेदी, राम कटोर पांडेय, हिमानी चतुर्वेदी,
मान मंदिर सेवा संस्थान के अध्यक्ष रामजीलाल शास्त्री, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील सिंह ब्रजदास, माताजी गौशाला के संयोजक राजबाबा, नरसिंह दास बाबा, रामकथा के आयोजक हरेश एन संघवी, समाजसेवी वीना हरेश संघवी, निकुंज संघवी, नीलिमा संघवी, अवनी संघवी, हिमांशु आदि उपस्थित रहे।

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