
जनकल्याण किसान एसोसिएशन के चेयरमैन ने कहा खुलकर करेंगे विरोध
बाराबंकी:- जहां एक तरफ सरकार द्वारा पौधरोपण अभियान के तहत लाखों करोड़ों रुपए पौधरोपण पर खर्च किए जा रहे तो वहीं दूसरी तरफ वनविभाग की मिलीभगत से वन माफिया बेखौफ होकर हरियाली पर आरा चलाने से बाज नहीं आ रहे। एक ताज़ा मामला देवा रेंज के अन्तर्गत गांव में वनविभाग के कर्मचारियों से सांठगांठ करके बिना परमिट के हरियाली पर वन माफिया ने आरा चलाकर पेड़ो को धराशाई कर दिया।

पूरा मामला देवा वन रेंज ग्राम पंचायत टिकरापट्टी के ग्राम चौधरी पुरवा का है जहां माइनर के किनारे बाग में लगे राजकीय दर्जा प्राप्त हरे भरे अशोक के लगभग छः पेड़ों को काट कर धराशाई कर दिया गया और तीन अशोक के पेड़ों को कुल्हाड़ी से आधा काट दिया गया था तो वहीं तीन बड़हल के हरे भरे पेड़ों को भी धराशाई कर दिया गया। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी पर जब जनकल्याण किसान एसोसिएशन संस्थापक व पर्यावरण प्रेमी धर्म कुमार यादव मौके पर पहुंचे तब तक पेड़ धराशाई हो चुके थे। अशोक के पेड़ों के अवैध रूप से कटने की भनक जब मीडिया को भी लगी तो मीडिया तुरंत हरकत में आ गई और पेड़ों की अवैध रूप से कटान होने की सूचना देवा रेंज के रेंजर मयंक सिंह को दी और मीडिया कर्मियों ने रेंजर से सवाल किया कि अशोक का पेड़ प्रतिबंधित है कि नहीं तो उन्होंने जवाब दिया कि अशोक का पेड़ प्रतिबंधित नहीं है इसको काटने की छूट है।
अब यही पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उत्तर प्रदेश का राजकीय वृक्ष अशोक घोषित है तो इसको काटने की छूट क्यों??
दूसरा सवाल यहां पर एक और खड़ा हो रहा है कि मौके पर पहुंचे एक वन कर्मी से लकड़ी ठेकेदार साफ तौर पर कह रहा है कि इस संबंध में हमारी आपकी बात भी हो चुकी थी परसेंटेज भी तय हो चुका था आप पेड़ देख भी गए थे परंतु पैसा नहीं दिया इसमें मेरी गलती है।पैसा अब दे दूंगा।इससे साफ स्पष्ट होता है कि इस अवैद्य कटान में वन विभाग की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है।यह केवल इकलौता मामला नहीं है इसी तरह वन विभाग की मिली भगत से प्रत्येक दिन हरियाली पर आरा चलवाया जाता है जब कभी मीडिया अथवा समाजसेवियों को इसकी भनक मिल जाती है तो वन विभाग अपना दामन बचाते हुए संबंधित कार्यवाही जैसे जुर्माना इत्यादि करके इति श्री कर लेता है।वहीं जनकल्याण किसान एसोसिएशन के चेयरमैन धर्म कुमार यादव ने कहा है कि यदि हरे भरे पेड़ो की कटान पर विराम नहीं लगाया जाता है तो संगठन द्वारा खुलकर इसका विरोध किया जाएगा और धरना प्रदर्शन करने के लिए भी बाध्य होना पड़ेगा।
फिलहाल इस मामले में वनविभाग क्या कार्यवाही करता है यह समय ही बताएगा।
मंडल ब्यूरो चीफ अयोध्या तेज बहादुर शर्मा।
