रिपोर्ट – नसरुद्दीन अंसारी | लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी। आज दिनांक 4 नवंबर 2025 को भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने ब्लॉक नकहा के ग्राम झंडी में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन संगठन के जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव द्वारा किया गया था।

सभा को संबोधित करते हुए राजेंद्र यादव ने कहा कि “भाजपा सरकार किसानों को कंगाल बनाने पर तुली हुई है। पराली जलाने पर किसानों पर तो कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब किसानों को नुकसान होता है, तब सरकार के मुंह पर ताला लग जाता है।” उन्होंने आगे कहा कि “सैटेलाइट कैमरे से सरकार को किसानों की पराली तो दिख जाती है, लेकिन चोरी, लूटपाट और किसानों के नुकसान की घटनाएं नजर नहीं आतीं। प्रदूषण के असली स्रोत—कारखाने और उद्योग—सरकार को नहीं दिखते।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय किसान संगठन किसानों के साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा और सरकार की नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।
प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र कुमार पंकज ने कहा कि “बजाज चीनी मिलों पर किसानों का लाखों रुपये बकाया है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है। अब किसान अपने हक के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा।”
प्रदेश प्रवक्ता मुकेश पांडे ने किसानों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि “यदि हम अब भी एकजुट नहीं हुए, तो यह सरकार किसानों को तबाही की कगार पर ले जाएगी।”
प्रदेश सचिव कामिल उस्मानी ने कहा कि “सरकार के लोग किसान हित की बात नहीं करते, बल्कि समाज में हिंदू-मुस्लिम का जहर घोलने का काम करते हैं।”
लखनऊ मंडल अध्यक्ष सद्दाम रहमानी ने कहा कि इस सरकार में किसान की सुनने वाला कोई नहीं है, जबकि मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने कहा कि “भाजपा सरकार में केवल किसानों का उत्पीड़न हुआ है।”
राष्ट्रीय सचिव राजेश शुक्ला ने दोहराया कि संगठन किसानों का उत्पीड़न नहीं होने देगा।
जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि “भारतीय किसान संगठन हर समय किसान भाइयों के हित में खड़ा रहेगा। किसी भी किसान को यदि कोई समस्या हो, तो संगठन 24 घंटे मदद के लिए तैयार है।”
सभा में बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से मोहम्मद इरफान गाज़ी (जिला मीडिया प्रभारी), अंबिका वर्मा, रामजी वर्मा, मनजीत मौर्य (ब्लॉक अध्यक्ष), राकेश यादव, ज्ञानेंद्र सिंह, अभिषेक पांडे, आनंद पांडे, इकबाल अहमद, शिवम् विश्वकर्मा, रामनिवास मौर्या, अमरीश, गंगासागर, दीपक मौर्या, रामबिहारी, साबिर अली (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), राधेश्याम यादव, सरोज राज, दिवेश राज, मुकेश राज, सत्यपाल यादव, रिहान गाज़ी, मोहम्मद इरफान अल्वी, और निसार गाज़ी शामिल रहे।
