जिला संवाददाता -विशाल गुप्ता

बाराबंकी : कार्तिक पूर्णिमा के दिन धनतिया भी खूब मनाई गई। पुत्रों के उन्नतशील जीवन के लिए धनतिया मनाने का प्रचलन है। धनतिया उन लोगों की मनाई जाती है जो लोग अपनी मां की जेष्ठ संतान होते हैं। मां के साथ ननिहाल में जाते हैं परिवार सहित जाते हैं और ननिहाल के लोग भी परिवार सहित धनतिया मनाने में सहयोग करते हैं। जिन गांवों में भगवान नर¨सह की पूजा होती हैं खासकर उन गांवों की लड़कियां विवाह के बाद अपने जेष्ठ पुत्र की धनतिया जरुर मनाती हैं। शहर में भुईहारे बाबा मंदिर स्थल पर कई लोगों की धनतिया मनाई गई। महिलाओं ने मंगलगीत गाए। समझा जाता है कि जिसकी धनतिया मनाई जाती है उसके जीवन में धनतिया के बाद उन्नति जरूर होती है। गांवों में भी धनतिया की धूम रही। रसौली कस्बे में वरिष्ठ पत्रकार चंद्रकांत मौर्य के भांजे की धनतिया व लाल जी गुप्ता के भांजे की धनतिया मनाई गई। गांव के सभी देव स्थानों पर पूजा के बाद कंदर बाबा देवस्थान पर शौर्य मौर्य का मुंडन भी किया गया। मुंडन के बाद मामा चंद्रकांत मौर्य व सुधीर मौर्य व अन्य लोगों ने उपहार प्रदान किए। इसी तरह अन्य लोगों की भी धनतिया मनाई गई।

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