रामनगर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग कटियारा गांव स्थित ग्रीन हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत नाराज ग्रामीणों ने शव को लेकर किया प्रदर्शन
रामनगर तहसील और जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के चलते प्राइवेट स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसुताओं को गँवानी पड़ रही जान जब हमारे उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल से लेकर प्रदेश स्तर तक सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा निशुल्क मुहैया करा रही है उसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की आशा संगीनियों द्वारा प्राइवेट अस्पताल में मरीजों को ले जाया जा रहा है बुधवार को रामनगर के ग्रीन हॉस्पिटल में हुई प्रसूता की मौत को लेकर परिजनों ने काफी हंगामा किया मृतक प्रसूता लक्ष्मी के शव को पीएम के लिए भेजा गया पीएम के बाद मृतक का शव मृतक के गांव रजनापुर मजरे गोबरहा वापस आने के बाद परिजन ग्रीन हॉस्पिटल को सील किए जाने की मांग पर अड़ गए जिस पर ग्राम रजनापुर में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई मामले को बिगड़ता देखकर रामनगर तहसीलदार विपुल कुमार सिंह पहुंच कर परिजनों को समझाने का प्रयास किया ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी समाजसेवी प्रवेश कुमार शुक्ला रामनगर कोतवाल अनिल कुमार पांडे ने परिजनों को कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया किंतु परिजन नहीं माने प्रशासन द्वारा ग्रीन हॉस्पिटल को सील करने व संचालक पर मुकदमा दर्ज करने के बाद मृतक प्रसूता लक्ष्मी का दाह संस्कार किया गया जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गोबरहा मजरे रजनापुर की आशा बहू द्वारा इस मामले में दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है अगर कोई प्रसूता को कोई दिक्कत है तो मैं सरकारी अस्पताल मे चलने को तैयार हूं जिले के अधिकारियों द्वारा सख्त निर्देश हम लोगों को दिए गए हैं प्रसुताओं के प्रसव संस्थागत होने चाहिए मैं किसी मरीज को प्राइवेट हॉस्पिटल नहीं ले जाऊंगी
बड़ा सवाल- निजी गैर मान्यता प्राप्त मानक विहीन अस्पतालों और पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटर व बिना मेडिकल डिग्री के डॉक्टर पर जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की इतनी मेहरबानी क्यों है
रिपोर्टर रामानंद सागर

