एम डी न्यूज़:-रिपोर्टर गौरव कुमार


बरेली में धर्म परिवर्तन का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. विशारतगंज क्षेत्र के रहने वाले एक फार्मासिस्ट ने आरोप लगाया है कि उसे पहले दोस्ती के जाल में फंसाया गया, फिर धीरे-धीरे ब्रेनवॉश कर इस्लाम में शामिल किया गया. पीड़ित को मस्जिद ले जाकर कलमा पढ़वाया गया, गौमांस खिलाया गया और फिर मुंबई ले जाकर उसके नाम पर 14 बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड में फंसा दिया गया. अब पीड़ित ने SSP से गुहार लगाई है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।विशारतगंज वार्ड नंबर 7 निवासी अम्बरीष गोस्वामी ने बताया कि 2023 में उन्होंने शहबाजपुर में एक मेडिकल शॉप किराए पर ली थी. दुकान मालिक का भतीजा समीर पुत्र नसीर अहमद से बातचीत बढ़ी तो समीर परिवार के साथ मिलकर बार-बार हिंदू धर्म के खिलाफ बातें करता और इस्लाम की खूबियां गिनाता और हर गुरुवार नियाज़ का खाना लाते और उसे खिलाते। धीरे-धीरे उन्होंने उसका माइंड वॉश कर ,कुछ ही महीनों में वह उनके प्रभाव में इतना आ गया कि पूजा-पाठ तक बंद कर दिया. 4-5 महीने बाद समीर उसे मस्जिद ले गया, वहां मौलाना के सामने उसे कलमा पढ़वाया गया- ला इलाहा इल्लल्लाह, मोहम्मदुर रसूलल्लाह…. इसके बाद उसका नाम बदलकर ‘रजा’ रख दिया गया. वह 2023 से अब तक लगातार जुम्मे की नमाज पढ़ने भी जाता रहा.पीड़ित ने आरोप लगाया कि यह पूरा गिरोह है जो भोले-भाले लोगों का ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन कराता है, फिर उनके नाम से बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल करता है और असली दोषी खुद बच जाते हैं. अम्बरीष ने कहा कि अब वह फिर से अपने मूल धर्म में लौट आया है और चाहता है कि जो उसके साथ हुआ वह किसी और के साथ न हो. उसने आरोप लगाया कि समीर, आसिफ खान, अनस कुरैशी, इमरान और अन्य लोग इस गिरोह का हिस्सा और सभी की गिरफ्तारी होनी चाहिए.

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