
वाराणसी कचहरी की नई बिल्डिंग की लिफ्ट एवं स्वच्छता व्यवस्था पर मेरा प्रतिनिधित्व।
आज मैंने वाराणसी कचहरी की नव-निर्मित बिल्डिंग में लिफ्ट और भवन-परिसर की लगातार खराब हो रही व्यवस्था को देखते हुए एक औपचारिक प्रार्थना–पत्र माननीय जिला जज वाराणसी, रजिस्ट्रार (प्रशासन) इलाहाबाद उच्च न्यायालय को प्रेषित किया है। इसकी प्रति माननीय अध्यक्ष, महामंत्री एवं उपाध्यक्ष—बनारस बार एसोसिएशन को भी सूचनार्थ व आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है। पिछले दिनों लिफ्ट के अचानक खराब होने से कुछ अधिवक्ता साथी उसमें फँस गए थे। सौभाग्य से कोई दुर्घटना नहीं हुई, परंतु ऐसी घटनाएँ बड़ी अनहोनी की संभावना को दर्शाती हैं। पूर्व में भी लिफ्ट में बार-बार तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं, जो अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों एवं वादकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इसके अलावा सीढ़ियों व गलियारों में पान-थूक से गंदगी बढ़ती जा रही है, जो न्यायालय की गरिमा और स्वच्छ वातावरण के प्रतिकूल है। इसीलिए मैंने मांग की है कि लिफ्ट की तत्काल तकनीकी जाँच हो, नियमित AMC व सुरक्षा प्रणाली लागू हो,सफाई व हाउसकीपिंग को सुदृढ़ किया जाए।
पान-चाय दुकानों को नियंत्रित व नियत स्थानों पर स्थापित किया जाए,
एक संयुक्त निरीक्षण दल गठित हो।
न्यायालय केवल भवन नहीं—न्याय का मंदिर है। उसकी स्वच्छता, सुरक्षा और गरिमा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
