जल निगम के अधिकारियों की मनमानी के चलते बिल भुगतेंगे ग्रामीण।

बाराबंकी :रामनगर तहसील की ग्राम पंचायत मड़ना में समाजवादी सरकार ने बनी पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था जिसमें विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार द्वारा भ्रष्टाचार के चलते ग्राम पंचायत मड़ना के सात गांवों में से मात्र 5 गांवों में पानी अल्प मात्रा में पहुंचा। विगत कई वर्षों तक हीलाहवाली के चलते किसी तरह पानी की टंकी कागजी कार्रवाई पर चलती रही।लेकिन पाइप लाइन में हुए ठेकेदारी प्रथा के चलते पंचायत के 50 प्रतिशत लोगों को जल मुहैया नहीं हो सका।कई बार टंकी में हुई खराबी को ग्राम प्रधान द्वारा अपने पैसे खर्च कर बनवाया गया लेकिन विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते विगत दो वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी लोगों को टंकी का जल नसीब नहीं हुआ।नाम न छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि पानी को टंकी खराब है इसका बिल कौन देगा जब हम लोगो को पानी नहीं मिला तो हम बिल भी नहीं देंगे।इसकी जिम्मेदारी जल निगम विभाग की है वहीं बिल भुगते।अब देखना यह है कि हमारी सरकार द्वारा सभी ग्रामीणों को स्वच्छ जल मुहैया कराने की कोशिश को विभागीय अधिकारी और कर्मचारी कागजों पर सरकार की मंशा को चूना लगाने का काम कर रहे हैं ।शायद इस पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का ध्यान जाता है या नहीं यह आने वाले समय के गर्भ में छिपा है
मंडल ब्यूरो चीफ अयोध्या
तेज बहादुर शर्मा।
