निघासन खीरी- जनपद का सबसे बड़ा महायज्ञ जो की निघासन की पावन धरती आयोजित 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का सोमवार को ऐतिहासिक समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी, जिसने जिले में आयोजित अब तक के सभी धार्मिक आयोजनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल को आस्था और भक्ति के महासागर में परिवर्तित कर दिया।समापन दिवस पर सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण भी देखने को मिला, जब जोड़ों का विवाह विधि-विधान पूर्वक संपन्न कराया गया। इसके साथ ही आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश देते हुए एक निकाह भी विधिवत रूप से संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान यज्ञ, प्रवचन और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं सहयोगकर्ताओं को मंच से सम्मानित किया गया।
वहीं विशाल जनसमूह के बीच उत्कृष्ट कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाल निघासन महेश चंद्र को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की हर ओर सराहना देखने को मिली। 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना के लिहाज से भी ऐतिहासिक बन गया। इस आयोजन में पांचों दिन नाश्ते के साथ सुबह शाम लगातार भोजन भी चलता रहा जिसमें लाखों की संख्या में लोगों ने भोजन किया।
इस दौरान क्षेत्र के संभ्रांत लोगों में विनोद सिंह, दामोदर प्रसाद वर्मा,सोनू गुप्ता, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ,रवींद्र वर्मा, समाजसेवी विकास अग्रवाल, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमनदीप सिंह, देवेंद्र कुमार, मोनू दीक्षित, अशोक तिवारी, मनोज वर्मा, सन्नी चानी, पुष्कर जयसवाल आदि लोग मौजूद रहे।

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