
डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर (DIC), बीएचयू एवं Know Your Colleges (KYC) के संयुक्त तत्वावधान में “काशी इनोवेशन उत्सव।
वाराणसी के वाई सीआइडिया टैंक ग्रैंड फिनाले एवं इनोवेशन समिट” का आयोजन आज के. एन. उदुप्पा ऑडिटोरियम, आईआईटी (बीएचयू) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 20 से अधिक स्कूलों के छात्रों ने भाग लेकर अपने नवाचार आधारित विचार प्रस्तुत किए। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ना तथा उन्हें शिक्षा और उद्योग जगत के विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में लगभग 300 से 400 छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों, उद्यमियों एवं गणमान्य अतिथियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं बीएचयू कुलगीत के साथ हुआ। स्वागत सत्र में डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर, बीएचयू के समन्वयक प्रो. मनीष अरोड़ा एवं Know Your Colleges के सीईओ श्रीयांशु जायसवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रो. मनीष अरोड़ा ने कहा कि नवाचार केवल तकनीक नहीं, बल्कि समस्याओं को नए दृष्टिकोण से देखने और हल करने की प्रक्रिया है, वहीं श्रीयांशु जायसवाल ने स्कूल स्तर से नवाचार की संस्कृति विकसित करने पर बल दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर सरिपेला श्रीकृष्ण ने नवाचार पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि नवाचार केवल नए आविष्कारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समस्याओं के सरल, व्यावहारिक और प्रभावी समाधान खोजने की सोच है, जिसे विद्यार्थियों में बचपन से ही विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है, तो विद्यालय स्तर से नवाचार की संस्कृति को मजबूत करना होगा, ताकि बच्चे सोचने, प्रश्न करने और प्रयोग करने की आदत विकसित कर सकें।
प्रो. सरिपेला श्रीकृष्ण ने स्कूल इनोवेशन सपोर्ट सिस्टम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नए विचार प्रस्तुत करने का मंच देना, प्रयोग के लिए संसाधन उपलब्ध कराना और असफलता से सीखने का आत्मविश्वास प्रदान करना है।
उन्होंने यंग इनोवेटर्स सेल (YIC) को विद्यार्थियों की रचनात्मकता को पहचानने और दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि यह सेल छात्रों में समस्या पहचानने, समाधान डिज़ाइन करने, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि मार्गदर्शक (Mentor) की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों को सोचने, प्रश्न पूछने और नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। साथ ही उन्होंने संस्थागत नवाचार परिषद (IIC) के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य शिक्षण संस्थानों में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना है, ताकि विद्यार्थी नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संदीप जोशी (रीजनल हेड अकादमिक एलायंसेज, टीसीएस),
शिवम आहूजा (संस्थापक, स्किल सर्कल), संदीप मुखर्जी (सीओओ, सनबीम ग्रुप), सुधा सिंह सेठ (एम.आर. जयपुरिया ग्रुप), मुनमुन सेन गुप्ता एवं एस. के. अग्रवाल (डायरेक्टर, कैथी/कैटजी) ने छात्रों को संबोधित किया। अतिथियों ने नवाचार, कौशल विकास, शिक्षा-उद्योग सहयोग और असफलता से सीखने की मानसिकता पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान KYC आइडिया टैंक के फाइनलिस्ट छात्रों के बीच पिचिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने अपने नवाचारी विचार निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किए। इसी अवसर पर यंग इनोवेटर्स सेल के शुभारंभ की घोषणा भी की गई। वाई आई सी का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर नवाचार को एक संरचित और निरंतर प्रक्रिया के रूप में विकसित करना है, ताकि छात्रों को केवल एक मंच ही नहीं, बल्कि लगातार मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर मिल सकें।
समारोह के अंत में विभिन्न श्रेणियों में विजेता छात्रों एवं विद्यालयों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समापन संदेश में प्रोफेसर सरिपेला श्रीकृष्ण ने कहा कि नवाचार कोई विकल्प नहीं, बल्कि आज के समय की आवश्यकता है। यदि विद्यार्थियों को सही दिशा, सही मंच और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे असाधारण कार्य कर सकते हैं।
