बरेली में पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के सरकारी आवास में गुरुवार सुबह एक रसोइया की दम घुटने से मौत हो गई। मृतक की अलीगंज क्षेत्र के ढकिया गांव के वीरेंद्र सिंह के रूप मे पहचान की गई है । वह पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता केके सिंह के सरकारी आवास में कई वर्षों से रसोइया के रूप में कार्य कर रहे थे। आवास परिसर में ही उन्हे एक अलग कमरा दिया गया था। बुधवार रात खाना खाने के बाद वीरेंद्र अपने कमरे में सोने चले गए थे और ठंड से बचाव के लिए उन्होंने परात में आग जला ली थी। गुरुवार सुबह जब वीरेंद्र काफी देर तक बाहर नहीं आए, तो अभियंता केके सिंह को संदेह हुआ। दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद यूपी 112 को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पीआरवी टीम ने दरवाजा तोड़ा। कमरे के भीतर वीरेंद्र अचेत अवस्था में चारपाई पर पड़े थे और पूरे कमरे में घना धुआं भरा हुआ था। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में कमरे के भीतर राख से भरी परात और धुएं के निशान मिले। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि बंद कमरे में आग जलाने से ऑक्सीजन की कमी और जहरीले धुएं के कारण उनका दम घुट गया। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि शव पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं हैं। यह मामला दुर्घटना प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में जलाई गई परात से निकले जहरीले धुएं के कारण यह घटना हुई।

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