
मणिकर्णिकाघाट पर महारानी अहिल्याबाई की मूर्ति महादेव, गणेश जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त को लेकर पाल समाज ने की पत्रकार वार्ता।
वाराणसी मर्णिकर्णिका तीर्थ घाट पर चल रहे पुर्निमाण के कार्य में मूर्तियों का विग्रह तोड़े जाने से पाल समिति के संरक्षक व संस्थापक भैयालाल पाल ने कहा कि घाट पर महारानी अहिल्याबाई की मूर्ति महादेव, गणेश जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी गयी है। उन प्रतिभाओं को प्रशासन द्वारा सुरक्षित रखा गया है तथा जिलाधिकारी द्वारा कहा गया है कि विग्रह मूर्तियों को पुनःस्थापित किया जायेगा तथा कुछ ऐसे अधिकारी है जो कि शासन व सरकार की धूमिल करने का कार्य कर रहे हैं तथा उनको चेतावनी दी जाती है कि ऐसा कोई दोबारा कृत्य मूर्तियों को तोड़-फोड़ व नष्ट करते है तो पाल समाज के द्वारा मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को लिखित रूप से अवगत करायेंगे।पाल समाज की शासन व प्रशासन से मांग है कि लोक माता अहिल्याबाई द्वारा स्थापित घाटों का जीर्णोद्धार कराया है उसमें मुख्य रूप से मर्णिकर्णिका घाट भी शामिल है जीर्णोद्धार के समय से ही काशी तीर्थ पुरोहितों को गंगापुत्र के नाम से स्थापित किया गया है तथा व लोग सनातन धर्म के धरोहर है तथा उनको विकास के कार्य में उनके कार्य व स्थानों में विघ्न न किया जाए और ना ही उनके स्थलों को तोड़ा जाए और ना ही बेदखल न किया जाए पाल समाज की प्रेरणास्रोत महारानी लोक माता अहिल्याबाई होल्कर जी सनातनी थी तथा पाल समाज की प्रेरणास्रोत हैं। पाल समाज की माँग है कि जो विकास कार्य का मॉडल शासन से तैयार किया गया है उसमें पाल समाज के लिए शवदाह में आए हुए व्यक्ति के लिए अहिल्याबाई के वंशज पाल समाज के लिए व्यवस्थित एक हॉल तैयार किया जाए। जिसमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पाल समाज महेंद्र पाल मिंटू, नीरज पाल, प्रधान, संजय पाल, संतोष पाल, पहलवान आशीष पाल, मनीष पाल, सुभाष पाल आदि लोग उपस्थित रहे ।।
