
वंदे मातरम गीत श्रृंखला चित्र निर्माण सम्पन्न।
राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश संस्कृत विभाग के सौजन्य से उत्तर प्रदेश दिवस के अंतर्गत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में वंदे मातरम गीत पर आधारित चित्रांकन कार्यशाला दिनाँक 15 से 17 दिसंबर 2026 को ललित कला विभाग महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रांगण में हुआ। कार्यशाला में वंदे मातरम गीत के चतुर्थ छन्द के प्रत्येक शब्द को चित्रात्मक विस्तार देते हुए क्रमशः “तुमि धर्म के अंतर्गत धर्म की प्रतीकात्मक भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, बुद्ध, महावीर, गुरुनानक आदि, तुमि विद्या शब्द के अंतगर्त ऋषि कणाद, कपिल, पतञ्जलि, शंकराचार्य, वेदव्यास वाल्मीकि तिरुवलावूर, सुश्रुत व पतंजलि चरक आदि का चित्रण किया गया है। तुमि मा शक्ति तुमि भक्ति के अंतर्गत स्त्री शक्तियों में देवी अनुसूया, आपला, घोषा, गार्गी सबके विराट स्वरूप को वंदे मातरम गीतमाला में प्रदर्शित किया गया है। राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष माननीय प्रोफेसर सुनील कुमार विश्वकर्मा ने कार्यशाला में शामिल चित्रकारों के प्रेरणा स्वरूप भारतमाता को कमलासन पर विराजमान चार हाथ मे माला कमल पुष्प, पुस्तक आदि धारण किये हुए रेखांकित किया तदोपरांत समन्वयक डॉ सुनील कुशवाहा ने उस रेखांकन को रंगीन स्वरूप दिया । कार्यशाला के तीन दिवसों में ललित कला विभाग में वाराणसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले संतो यथा कबीर, तुलसी, श्यामचरण लाहिड़ी के साथ स्वामी शंकर देव, गुरु गोरखनाथ, चाणक्य, नरसिंह मेहता , रामकृष्ण परमहंस, शारदा माता, विवेकानंद, दयानन्द सरस्वती आदि देव स्वरूपों का भी अंकन “तुमि हृदि तुमि मर्म” के सापेक्ष किया गया। ज्ञात हो कि वंदे मातरम गीत के प्रत्येक छन्द के ऊपर उत्तर प्रदेश के पांच स्थानों पर चित्रण कार्यशाला आयोजित हुई है जिसमें चतुर्थ छन्द का चित्रण वाराणसी क्षेत्र के कलाकारों को प्राप्त हुआ। इसी प्रकार देश के प्रमुख मंदिर, तीर्थ, देवस्थल, और नालंदा विश्वविद्यालय आदि वास्तु को इस चित्रमाला में चित्रात्मक रूप दिया गया। युवा चित्रकार डॉक्टर शशि कांत नाग के मार्गदर्शन में काशी क्षेत्र के वरिष्ठित चित्रकर्तृ श्रीमती आशा, युवा प्रतिभा बलदाऊ वर्मा, रवि शंकर उर्फ अर्जुन, आशीष राय और आजाद कपूर के द्वारा 30 फीट के वृहद फलक पर वंदे मातरम गीतमाला का अंकन किया। वाराणसी के साथ अन्य चार स्थानों में सम्पन्न हुई कार्यशाला में निर्मित चित्रो को एक साथ जोड़कर 150 फीट का सम्पूर्ण चित्र वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लखनऊ के प्रेरणा स्थल पर दिनाँक 24 जनवरी को उत्तरप्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस चित्र का अवलोकन माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, महामहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के द्वारा किया जाएगा। वाराणसी के चित्र कार्यशाला के सहयोगी कलाकारों में अंकित कुमार, सुरेश कुमार सौरभ, प्रवीण प्रकाश, हिमांशु, आशीष विश्वकर्मा आदि शामिल रहे। इस कार्यशाला के दौरान ललित कला विभाग के अध्यापक डॉ रामराज, डॉक्टर शत्रुघ्न प्रसाद, शालिनी कश्यप,स्नेहलता कुशवाहा आदि के उपस्थिति में अनेक कला विद्यार्थियों ने अवलोकन किया।
चित्रण कार्य पूर्ण होने पर मार्गदर्शक डॉ शशि कान्त नाग ने सभी कलाकारों, समन्वयक और ललित कला अकादमी के अध्यक्ष को धन्यवाद ज्ञापित किया।
