विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन।

वाराणसी

राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई, डेयरी विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग, कृषि विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में “विकसित भारत युवा कनेक्ट” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया, जिसे युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किया गया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नीति निर्माण, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक अवसंरचना तथा माय भारत पोर्टल से जोड़ते हुए उन्हें विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय मिशन में सक्रिय भागीदार बनाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरविंद, एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। भारत सरकार द्वारा इस मिशन हेतु नामित श्री प्रियांश भारद्वाज ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं के लिए विकसित भारत की सरकार की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा सरकार द्वारा निर्धारित पाँच प्रण एवं ग्यारह संकल्पों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव से भी जुड़ा हुआ है। सरकार द्वारा निर्धारित पाँच प्रण— विकसित भारत, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता में विविधता तथा कर्तव्यों का पालन— को विस्तार से समझाया गया। साथ ही विकसित भारत के स्तंभों जैसे विकास का इंजन, सतत विकास, सामाजिक क्षेत्र में सुधार, आत्मनिर्भर भारत, सशक्त भारत एवं वैश्विक प्रतिष्ठा पर भी प्रकाश डाला गया। डिजिटलाइजेशन, तकनीकी विकास, महिला नेतृत्व का सशक्तिकरण तथा सशक्त भारत के निर्माण पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। वक्ता ने कहा कि वंदे मातरम् हमारी सभ्यता के सशक्तिकरण का प्रतीक है, जिसने संचार के सीमित साधनों के बावजूद स्वतंत्रता संग्राम के समय राष्ट्र को एकजुट और प्रेरित किया। यह हमारे इतिहास और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु है। इसके अतिरिक्त, युवाओं के साथ विकसित भारत पर संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने देश की अवसंरचना, सशक्तिकरण एवं सभ्यतागत मूल्यों से संबंधित अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीणा, कृषि छात्र सलाहकार डॉ. अमिताव रक्षित, विभागाध्यक्ष प्रो. राज कुमार दुआरी, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिषेक दत्त त्रिपाठी, डॉ. तरुन वर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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