अलीगढ़ नगर निगम में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के सक्रिय होने का मामला सामने आया है। शनिवार को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा जनसुनवाई कर रहे थे। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने फर्जी तरीके से बन रहे जन्म प्रमाणपत्रों की शिकायत की।

लोगों का आरोप था कि नगर निगम में कुछ दलाल काम करते हैं, जो लोगों से मोटे पैसे लेकर फर्जी दस्तावेज थमाते हैं। शिकायत के साथ ही इस्माइल नदीम और कायनात नदीम के नाम से जारी जन्म प्रमाणपत्र भी नगर आयुक्त के सामने रखे गए।

आधिकारिक पोर्टल से हुई जांच

फर्जी प्रमाणपत्र होने की जानकारी पर नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारी व सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह को आधिकारिक पोर्टल पर रिकॉर्ड का मिलान करने के निर्देश दिए। इसके बाद जांच में दोनों प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए।

1600 रुपए लिए गए

जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से करीब 1600 रुपए लिए गए। इसके बाद बाहरी जनसेवा केंद्र के माध्यम से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराए गए। यह भी सामने आया कि इस मामले में पूरा गिरोह संचालित है। गिरोह जन्म प्रमाणपत्र के अलावा अन्य भी फर्जी प्रमाणपत्र बनाता है। इस पर नगर आयुक्त ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सिविल लाइंस से पकड़े आरोपी

जानकारी मिली कि यह प्रमाणपत्र थाना सिविल लाइंस के जमालपुर क्षेत्र में एक जनसेवा केंद्र से बनाए गए हैं। इस पर नगर निगम के प्रवर्तन दल ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जमालपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में कार्रवाई की। चौकी प्रभारी के सहयोग से दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

गिरोह की हो रही तलाश

नगर आयुक्त ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन थाने में आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज कराई गई है। साथ ही फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले पूरे गिरोह की तलाश कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि प्रमाण पत्र केवल अधिकृत माध्यमों से ही बनवाएं और किसी भी अनधिकृत एजेंट के झांसे में न आएं।

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