बाराबंकी:- बेलहरा क्षेत्र परमहंस आश्रम टड़वा धाम दौलतपुर सुमली नदी घाट पर श्री श्री 1008 जगत गुरू स्वामी निरंकार महाराज की तपोस्थली पर चल रही श्री राम कथा में पांचवें दिन में कथा वाचक चन्द्रशेखर महाराज ने कहा कि इस जगत में सारा पसारा केवल शब्द का है जिसे (नाम) भी कहते हैं। उन्होंने बताया कि गुरु ही नाम को जगाते या सिद्ध करते हैं और सिद्ध किया हुआ नाम ही जीव को भवसागर से पार करता है। ऐसा ही स्वामी निरंकार महाराज ने कर दिखाया,उन्होंने कबीर साहब के ‘ढाई अक्षर’ को प्रेम नहीं बल्कि शब्द बताया उन्होंने बाबा जगजीवन साहेब कोटवा धाम, स्वामी नारायण दास हेतमापुरधाम पलटूदास आदि संतों का भी नाम लिया। चन्द्रशेखर जी ने कहा की महान संतों की श्रेणी में साहेब जयगुरुदेव महाराज ने नाम सिद्ध कर देश के कोने-कोने में इसका प्रचार किया। इससे लाखों-करोड़ों लोगों का खान-पान सुधरा और उनका जीवन बदल गया, चन्द्रशेखर ने कहा कि युवाओं को शाकाहारी, सदाचारी बनाने और नशीले व्यसनों से दूर रखने का आह्वान किया, ताकि उनकी आंखों में मां, बहन बेटी की पहचान कायम रहे और एक अच्छे समाज का निर्माण हो सके।इस अवसर पर राकेश यादव उर्फ (पप्पू प्रधान) राम विजय राम प्रवेश राकेश कुमार विश्राम रामदौर दिलावर एवं बरेली पीलीभीत शाहजहांपुर लखनऊ सीतापुर बाराबंकी आदि जगहों से आए हुए तमाम शिष्यगण मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed