एमड़ी न्यूज़ सेवापुरी रिपोर्टर मुन्ताज अली की रिपोर्ट

एक्सपोर्ट क्वालिटी सब्जियों के उत्पादन के लिए शोध करें वैज्ञानिक

सब्जियों के प्रसंस्करण एवं कच्चे उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाना हो प्रमुख लक्ष्य

राजातालाब। आराजी लाइन विकासखंड क्षेत्र के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रक्त-चंदन के पौधरोपण के साथ ही वैज्ञानिकों के साथ अपनी समीक्षा बैठक का शुभारंभ किया। प्रक्षेत्र भ्रमण में मंत्री ने किसानों के साथ सब्जी बीजों की उपलब्धता, गुणवत्ता, सब्जी उत्पादन लागत कम करने के उपायों, तकनीकियों की जानकारी से संबंधित जानकारी ली। आधुनिक तकनीकियों में ग्राफ्टेड बैगन टमाटर (ब्रिमेटो) और आलू-टमाटर (पोमेटो) पर विस्तृत चर्चा में डॉ अनंत बहादुर ने उत्पादन की विधियों, किसानों तक तकनीकी की पहुंच, फायदे और किसानों को होने वाले लाभ के बारे में सविस्तार बताया। इस टेक्नोलॉजी की सराहना करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन तकनीकियों तक जल्दी से जल्दी किसानों को उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। साथ ही हाई टेक नर्सरी को भी उन्होंने किसानों की सेवा में अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि एफपीओ नर्सरी बीज उत्पादित करके किसानों तक पहुंचाएं।वैज्ञानिकों से रूबरू होते हुए मंत्री ने टमाटर की शेल्फ लाइफ बढ़ाने, सुखे पाउडर और एक्सपोर्ट को बढ़ाने वाली फसलों का विकास करने और जैविक खेती पर तेजी से कार्य करने की जरूरत पर जोर दिया। उनके समक्ष सूक्ष्मजीव जैव उर्वरक, बायोस्टिमुलेन्ट एवं बायोपेस्टिसाइड के संस्थान द्वारा विकसित उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया। मंत्री ने संस्थान में चल रहे अनुसंधान एवं विकास कार्यों, उन्नत सब्जी किस्मों, बीज उत्पादन, संरक्षित खेती, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धन तथा उद्यमिता विकास से जुड़ी पहलों की सराहना की । उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों का खेत स्तर पर प्रभावी प्रसार, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, लागत घटाने वाली तकनीकें तथा बाजार से सीधा जुड़ाव किसानों की आय बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। मंत्री महोदय ने संस्थान को किसानों तक तकनीकों की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने, गुणवक्ता युक्त बीज एवं पौध उपलब्ध कराने, निर्यातोन्मुख सब्जी फसलों की प्रजातियों के विकास करने, स्टार्ट-अप्स व एफपीओ के साथ साझेदारी बढ़ाने तथा युवाओं को कृषि-उद्यमिता से जोड़ने के निर्देश दिए । समीक्षा बैठक में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ राजेश कुमार ने संस्थान की उपलब्धियों और किसानों के साथ किए जा रहे कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें सब्जी निर्यात को बढ़ावा देने हेतु किसानों को संसधान और तकनीकी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही आईसीएआर के सहायक महानिदेशक डॉ सुधाकर पांडेय ने संस्थान की गतिविधियों पर संक्षिप्त जानकारी दी। समीक्षा बैठक में मऊ स्थित आईसीएआर के संस्थानों के निदेशक डॉ आलोक श्रीवास्तव एवं डॉ आनंदन सहित प्रदेश सरकार के अधिकारीगण उपस्थित रहे। कृषि मंत्री ने आगामी रबी सत्र के लिए क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया और कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती को देखते हुए सब्जी उत्पादन प्रणाली में अधिक लचीलापन लाना होगा। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों और शोध संस्थानों के मध्य समन्वय का एक प्रभावी माध्यम बताते हुए किसानों तक तकनीक हस्तांतरण की गति तेज करने पर बल दिया। सभागार मेंआईआईवीआर के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के साथ राज्य के कृषि विभाग एवं केवीके के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। बैठक का संचालन डॉ नीरज सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ ए एन सिंह ने किया।

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