कोई माने या न माने लेकिन जब कुछ पुलिस वाले अपने आप पर आ जाते हैं तो नियम कानून ताक पर रखकर अपने हिसाब से कार्यवाही करने लगते हैं।

रिपोर्टर धीरेंद्र कुमार वर्मा


बाराबंकी के वन रेंज रामनगर के अंतर्गत ग्राम जमलापुर का है जहां पुलिस और वन विभाग की मिली भगत से खिदरापुर निवासी सहेब शरन व राजू वर्मा की जमलापुर में आम के हरे भरे प्रतिबंधित पेड़ अवैध रूप से रात में लकड़कट्टों के द्वारा काटे जा रहे थे जिसकी सूचना गांव के व्यक्ति ने पत्रकारों को दी जिससे बौखलाये दबंग लकड़कट्टे अरमान ओंमकार रणजीत व अन्य साथी मिलकर सूचना देने वाले व्यक्ति की जमकर पिटाई कर दी।

पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है जमलापुर में अवैध तरीके से आम के हरे भरे 17 पेड़ों की जानकारी वन विभाग के डिप्टी रेंजर मनोज कुमार यादव से मीडिया द्वारा पूछी गई तो उन्होंने झूंझलाते हुए कहा की जुर्माना कर दिया गया है और फोन काट दिया। लेकिन साहब का गुस्सा शांत नहीं हुआ उन्होंने पत्रकारों का नाम बता कर दबंग वन माफियाओं को पत्रकारों के खिलाफ उकसा दिया। वन माफियाओं ने पत्रकारों से ढूंढकर मिले और उन्हें सैदनपुर में रोककर मारने की कोशिश की पत्रकारिता को लेकर भद्दी भद्दी बातें कही और चेतावनी दी अगर मेरे कटान पर दुबारा आ गए तो तुम सबको दिक्कत आ जाएगी पत्रकारों ने सीएम हेल्पलाइन नंबर 10 76 पर कॉल करके अपनी शिकायत तुरंत दर्ज कराई जिसकी जांच सैदनपुर चौकी इंचार्ज विभूति कुमार द्विवेदी थाना सफदरगंज को मिली लेकिन उन्होंने पत्रकारों का सहयोग करने के BNS की धारा 126/135 शांति भंग के आरोप में पत्रकारों को ही पाबंद कर दिया।

जबकि मनानीय सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट का पारित आदेश खबर प्रकाशित के आरोप पर पत्रकारों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत नहीं व योगी सरकार व पुलिस विभाग उच्च अधिकारी DGP के सख्त आदेशों के अनुसार पत्रकारों का सम्मान पुलिस विभाग को करना होगा और बिना जानकारी उनके ऊपर कारवाही व गिरफ्तार नहीं किया जा सकता लेकिन वह आदेश कागज के पन्नों में ही सिमट कर ही रह गए। और आदेश हवा हवाई नजर आ रहा है।
पुलिस अपने विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेशों का अनूपालन नहीं करना चहती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *